segunda-feira, 21 de abril de 2025

नहेमायाह 12 याजक जो जरुब्बाबेल के साथ यरूशलेम आये

 नहेमायाह 12

याजक जो जरुब्बाबेल के साथ यरूशलेम आये


1 ये याजक और लेवीय हैं जो शालतीएल के पुत्र जरुब्बाबेल और येशू के संग गए थे: सरायाह, यिर्मयाह, एज्रा,

2 अमरियाह, मालूके, हातुस,

3 शकन्याह, रहूम, मरेमोत,

4 इद्दो, गीनतोई, अबिय्याह,

5 मिय्यामीन, मादिया, बिल्गा,

6 शमायाह, योयारीब, यदायाह,

7 सल्लू, आमोक, हिल्किय्याह, यदायाह: ये ही थे जो येशू के दिनों में याजकों और उनके भाइयों के प्रधान थे।

8 और लेवीय ये थे: येशू, बिन्नूई, कदमीएल, शेरेब्याह, यहूदा, मत्तन्याह; वह और उसके भाई स्तुति की अध्यक्षता करते थे।

9 और उसके भाई बकबुक्याह और उन्नी उसके साम्हने पहरे में थे।

10 और येशू से योयाकीम उत्पन्न हुआ, और योयाकीम से एल्याशीब उत्पन्न हुआ, और एल्याशीब से योयादा उत्पन्न हुआ।

11 और योयादा से योनातान, और योनातान से यद्दू उत्पन्न हुआ।

12 और योयाकीम के दिनों में याजक पितरों के घरानों के मुख्य पुरुष थे, अर्थात सरायाह का वंश मरायाह था। यिर्मयाह का हनन्याह;

13 एज्रा का मशुल्लाम; अमर्याह का योआनान;

14 मेलिकू का योनातान; सेबानियास, जोसेफ;

15 हारीम का अदना; मरायोत से हेलकै;

16 इद्दो का जकर्याह; गिन्नेथोन, मशुल्लाम से;

17 अबिय्याह का जिक्री। मिन्यामीन का और मोअद्याह का पिलतै;

18 बिलगा से शम्मूआ; शमायाह का योनातान;

19 और योयारीब का मत्तनै। यदायाह का एज़ी;

20 सेलई से कलई; अमोक, एबर;

21 हिल्किय्याह का हशब्याह; यदायाह का नतनेल।

22 एल्याशीब के दिनों में लेवियों में से योयादा, योहानान, यद्दू और याजक अपने अपने पितरों के घरानों के मुख्य पुरुष के रूप में गिने जाते थे, और यह काम फारसी राजा दारा के राज्य तक चलता रहा।

23 लेवी के पुत्र अपने-अपने पितरों के घरानों के मुख्य पुरुषों के रूप में एल्याशीब के पुत्र योहानान के दिनों तक इतिहास की पुस्तक में लिखे गए थे।

24 लेवियोंके प्रधान हशब्याह, शरब्याह, और कदमीएल का पुत्र येशू थे। और उनके भाई परमेश्वर के भक्त दाऊद की आज्ञा के अनुसार, स्तुति और धन्यवाद करने को उनके साम्हने खड़े हुए, कि पहरेदारों पर पहरा दो।

25 मत्तन्याह, बकबुकियाह, ओबद्याह, मशुल्लाम, तल्मोन और अक्कूब द्वारपाल थे, जो फाटकोंके भण्डारोंकी रखवाली करते थे।

26 ये योयाकीम के दिनों में हुए जो योसादाक का पोता और येशू का पुत्र था। जैसा कि राज्यपाल नहेमायाह और याजक और शास्त्री एज्रा के दिनों में भी हुआ था।

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