quinta-feira, 3 de abril de 2025

द्वितीय इतिहास 34 योशिय्याह ने मूर्तिपूजा को समाप्त किया

 द्वितीय इतिहास 34

योशिय्याह ने मूर्तिपूजा को समाप्त किया

1 जब योशिय्याह राज्य करने लगा, तब वह आठ वर्ष का या, और यरूशलेम में इकतीस वर्ष तक राज्य करता रहा।

2 और उस ने वही किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है; और वह अपने पिता दाऊद की सी चाल पर चला, और न दाहिनी ओर मुड़ता था और न बाईं ओर।

3 क्योंकि वह अपने राज्य के आठवें वर्ष में, जब वह जवान ही था, अपके मूलपुरुष दाऊद के परमेश्वर की खोज करने लगा; और बारहवें वर्ष में वह यहूदा और यरूशलेम को ऊँचे स्थानों, अशेरा और खोदी हुई और ढली हुई मूरतों से शुद्ध करने लगा।

4 और उन्होंने उसके साम्हने बाल देवताओं की वेदियोंको ढा दिया; और उस ने सूर्य की मूरतों को, जो उनके ऊपर थी, काट डाला, और अशेरा नाम मूरतों को, और खुदी हुई और ढली हुई मूरतों को तोड़ डाला, और धूलि में मिला दिया, और उनको बलिदान करनेवालोंकी कब्रोंपर छिड़क दिया।

5 और उस ने याजकोंकी हड्डियां उनकी वेदियोंपर जला दीं; और यहूदा और यरूशलेम को शुद्ध किया।

6 और उस ने मनश्शे, एप्रैम, और शिमोन के नगरोंमें, वरन नप्ताली तक, वरन उसके चारोंओर के उजाड़ स्थानोंमें वैसा ही किया।

7 और उस ने वेदियोंऔर अशेरा और खुदी हुई मूरतोंको काट डाला, यहां तक ​​कि धूल कर डाला, और इस्राएल के सारे देश में सूर्य की सब मूरतोंको काट डाला, और यरूशलेम को लौट गया।

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