domingo, 8 de junho de 2025

भजन संहिता 63 दाऊद परमेश्वर की उपस्थिति के लिए तरसता है

 भजन संहिता 63

दाऊद परमेश्वर की उपस्थिति के लिए तरसता है


1 हे परमेश्वर, तू मेरा परमेश्वर है; मैं तुझे भोर को खोजूंगा; मेरा मन तेरा प्यासा है; मेरा शरीर सूखी और थकी हुई भूमि पर, जहां जल नहीं है, तेरा अभिलाषा करता है;

2 कि मैं तेरा बल और तेरी महिमा देखूं, जैसा कि मैंने तुझे पवित्रस्थान में देखा है।

3 क्योंकि तेरी करुणा जीवन से भी उत्तम है; मेरे होंठ तेरी स्तुति करेंगे।

4 इसलिए मैं जीवन भर तुझे आशीर्वाद देता रहूंगा; तेरे नाम पर मैं अपने हाथ ऊपर उठाऊंगा।

5 मेरा मन मानो मज्जा और चर्बी से तृप्त होगा; और मेरा मुंह आनन्द से तेरी स्तुति करेगा।

6 जब मैं अपने बिछौने पर तुझे स्मरण करूंगा, और रात के पहरों में तुझ पर ध्यान करूंगा।

7 क्योंकि तू मेरा सहायक रहा है; मैं तेरे पंखों की छाया में आनन्द से गाऊंगा।

8 मेरा मन तेरे पीछे-पीछे चलता है; तेरा दाहिना हाथ मुझे थामे रहता है। 

9 परन्तु जो मेरे प्राण की खोज में हैं, वे पृथ्वी के निचले भागों में चले जाएँगे।

10 वे तलवार से मारे जाएँगे और लोमड़ियों का आहार बन जाएँगे।

11 परन्तु राजा परमेश्वर के कारण आनन्दित होगा; जो कोई उसकी शपथ खाता है, वह घमण्ड करेगा, क्योंकि झूठ बोलनेवालों के मुँह बन्द हो जाएँगे।

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