sexta-feira, 6 de junho de 2025

भजन 54 दाऊद अपने शत्रुओं से बचाने के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करता है

 भजन 54

दाऊद अपने शत्रुओं से बचाने के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करता है


1 हे परमेश्वर, अपने नाम से मुझे बचा, और अपनी शक्ति से मुझे न्यायसंगत ठहरा।

2 हे परमेश्वर, मेरी प्रार्थना सुन, और मेरे मुँह की बातों पर कान लगा।

3 क्योंकि परदेशी मेरे विरुद्ध उठ खड़े हुए हैं, और अत्याचारी मेरे प्राण के खोजी हैं; उन्होंने परमेश्वर को अपनी आँखों के सामने नहीं रखा।

4 देखो, परमेश्वर मेरा सहायक है; यहोवा मेरे प्राण को थामे रहनेवालों के संग है।

5 वह उन लोगों की बुराई का बदला चुकाएगा जो मेरे लिए जागते हैं; अपनी सच्चाई से उन्हें नष्ट कर।

6 मैं तेरे लिए स्वेच्छा से बलिदान चढ़ाऊँगा; मैं तेरे नाम की स्तुति करूँगा, हे यहोवा, क्योंकि यह भला है,

7 क्योंकि तूने मुझे सब संकटों से छुड़ाया है; और मेरी आँखों ने मेरे शत्रुओं के प्रति मेरी अभिलाषा को देखा है।

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