domingo, 6 de abril de 2025

एज्रा 05 हाग्गै और जकर्याह ने यहूदियों से मंदिर का निर्माण जारी रखने का आग्रह किया

 एज्रा 05

हाग्गै और जकर्याह ने यहूदियों से मंदिर का निर्माण जारी रखने का आग्रह किया


1 और हाग्गै भविष्यद्वक्ता और इद्दो का पुत्र जकर्याह नाम भविष्यद्वक्ता यहूदा और यरूशलेम के यहूदियोंसे भविष्यद्वाणी करते थे; उन्होंने इस्राएल के परमेश्वर के नाम से उन से भविष्यद्वाणी की।

2 तब शालतीएल का पुत्र जरूब्बाबेल और योसादाक का पुत्र येशू उठकर परमेश्वर का भवन जो यरूशलेम में है बनाने लगे; और उनके साथ परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता भी थे, जिन्होंने उनकी सहायता की।

3 उस समय महानद के उस पार का हाकिम तातेनै और शतर्बोजनै और उसके साथी उनके पास आए, और उन से कहा, यह भवन बनाने, और यह शहरपनाह फिर बनाने की आज्ञा तुम्हें किस ने दी?

4 तब उन्होंने उन से पूछा, और जिन पुरूषोंने यह भवन बनाया उनके नाम क्या हैं?

5 परन्तु परमेश्वर की दृष्टि यहूदियोंके पुरनियोंपर लगी रही, और जब तक मामला दारा के पास न पहुंचा, तब तक उन्होंने उन्हें नहीं रोका, और तब उन्होंने पत्र के द्वारा उसका उत्तर दिया।

6 उस पत्र की प्रति जो नदी के उस पार के हाकिम तातेनै ने शतरबोज़्नै और उसके साथियों अर्थात् अपारसकियों, जो नदी के उस पार थे, समेत राजा दारा को भेजा।

7 उन्होंने उसके पास एक सूची भेजी; और उस पर यह लिखा हुआ था, कि राजा दारा को शांति मिले।

8 राजा को यह मालूम हो, कि हम यहूदा के प्रान्त में, महान परमेश्वर के भवन में आए हैं, जो बड़े बड़े पत्थरों से बना है, और उसकी दीवारों पर लकड़ी लगाई जा चुकी है; और यह काम फुर्ती से किया जाता है, और उसके हाथ में आगे बढ़ता है।

9 तब हम ने पुरनियोंसे पूछा, और उन से कहा, इस भवन को बनाने, और इस शहरपनाह को बनाने की आज्ञा तुम्हें किस ने दी है?

10 फिर हम ने उन से उनके नाम भी पूछे, कि उनको बता सकें, कि हम उन पुरूषोंके नाम तुम्हें लिख सकें जो उन में प्रधान हैं।

11 और उन्होंने हम से कहा, हम तो स्वर्ग और पृय्वी के परमेश्वर के दास हैं, और जो भवन बहुत वर्ष पहिले बना या, उसको हम ने फिर बनाया है; क्योंकि इस्राएल के एक महान राजा ने इसे बनाया और इसे परिपूर्ण बनाया।

12 परन्तु हमारे पुरखाओं ने स्वर्ग के परमेश्वर को क्रोध दिलाने के बाद उनको कसदी बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के हाथ में कर दिया, और उस ने इस भवन को नाश कर दिया, और अपनी प्रजा को बाबुल को ले गया।

13 परन्तु बाबुल के राजा कुस्रू के पहिले वर्ष में राजा कुस्रू ने परमेश्वर का यह भवन बनाने की आज्ञा दी।

14 और परमेश्वर के भवन के जो सोने चान्दी के पात्र थे, उनको नबूकदनेस्सर ने यरूशलेम के मन्दिर में से उठाकर बाबुल के मन्दिर में रख दिया, और वे शेशबज़ार नाम एक पुरूष को दे दिए गए, जिसे उस ने अधिपति ठहराया।

15 और उस ने उस से कहा, ये पात्र ले जाकर यरूशलेम के मन्दिर में ले जा, और उनके स्यान पर परमेश्वर का भवन बनाना।

16 तब शेशबाज़ार ने आकर परमेश्वर के भवन की जो यरूशलेम में है, नेव डाली; और तब से वह बन रहा है, और अब तक पूरा नहीं हुआ।

17 इसलिये अब यदि राजा को अच्छा लगे, तो हम बाबुल के राजा के भण्डार में ढूंढ़ें, कि क्या सचमुच राजा कुस्रू की ओर से परमेश्वर के इस भवन को यरूशलेम में बनाने की आज्ञा हुई है; और इस विषय में राजा हमें अपनी इच्छा बताए।

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