domingo, 6 de abril de 2025

एज्रा 03 मंदिर की नींव रखी जा चुकी है

 एज्रा 03

मंदिर की नींव रखी जा चुकी है

8 और उनके यरूशलेम में परमेश्वर के भवन में पहुंचने के दूसरे वर्ष के दूसरे महीने में शालतीएल का पुत्र जरुब्बाबेल, और यहोसादाक का पुत्र येशू, और उनके और भाई, अर्थात बीस वर्ष वा उससे अधिक अवस्था के याजक और लेवीय, यहोवा के भवन का काम करने लगे।

9 तब येशू, और उसके बेटे, और उसके भाई, और कदमीएल और उसके बेटे, जो यहूदा के थे, परमेश्वर के भवन में काम करनेवालोंकी चौकसी करने को एक मन होकर खड़े हुए, अर्थात हेनादाद की सन्तान, और उसके भाई, और लेवीय।

10 जब राजमिस्त्रियों ने यहोवा के भवन की नेव डाली, तब इस्राएल के राजा दाऊद की आज्ञा के अनुसार याजक वस्त्र पहिने हुए और तुरहियां लिए हुए, और आसाप के पुत्र लेवीय भजन बजाते हुए यहोवा की स्तुति करने के लिये आगे आए।

11 और वे बारी बारी से यहोवा की स्तुति और जयजयकार करने लगे, क्योंकि वह भला है; क्योंकि उसकी करूणा इस्राएल पर सर्वदा बनी रहेगी। और सब लोग बड़े आनन्द से आनन्दित हुए, और यहोवा के भवन की नेव के विषय में यहोवा की स्तुति की।

12 परन्तु बहुत से याजक, और लेवीय, और पितरों के घरानों के मुख्य पुरुषोंमें से जो पहिले भवन को उसकी नेव पर देखते थे, इस भवन को अपनी आंखों के साम्हने देखकर ऊंचे शब्द से रोने लगे; परन्तु बहुतों ने हर्ष और उल्लास से अपनी आवाजें उठाईं।

13 यहां तक ​​कि लोग आनन्द के शब्द और लोगों के रोने के स्वर में पहिचान न कर सके; क्योंकि लोग इतने बड़े आनन्द से आनन्दित हुए कि आवाजें बहुत दूर तक सुनाई दीं।

Nenhum comentário:

Postar um comentário