segunda-feira, 22 de setembro de 2025

भविष्यवक्ता यशायाह की पुस्तक 9 मसीहा का आगमन और शक्ति

 भविष्यवक्ता यशायाह की पुस्तक 9

मसीहा का आगमन और शक्ति


1 परन्तु जो देश दुःख में था, वह अंधकारमय न होगा। उसने पूर्वकाल में जबूलून और नप्ताली के देश को लज्जित किया था, परन्तु अब उसने उसे समुद्र के मार्ग से, यरदन के पार, अन्यजातियों के गलील में, ऊँचा किया है।

2 जो लोग अन्धकार में चल रहे थे, उन्होंने एक बड़ा प्रकाश देखा है, और जो लोग मृत्यु के अन्धकार के देश में रहते थे, उन पर प्रकाश चमका है।

3 तूने प्रजा को बढ़ाया है, तूने उनका आनन्द बढ़ाया है; वे तेरे सामने आनन्दित होंगे, जैसे लोग कटनी के समय आनन्दित होते हैं, जैसे लोग लूट बाँटते समय आनन्दित होते हैं। 

4 क्योंकि तूने उस जूए को जो उसके बोझ तले दबा था, उस लाठी को जो उसके कंधों को कुचलती थी, और उस पर अत्याचार करनेवाले के राजदण्ड को, जैसा मिद्यानियों के दिनों में हुआ था, तोड़ दिया है।

5 क्योंकि जो लोग हुल्लड़ से लड़ते थे उनके सारे हथियार और खून से सने वस्त्र जलकर आग का ईंधन बन जाएँगे।

6 क्योंकि हमारे लिए एक बालक उत्पन्न हुआ है, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी। और उसका नाम अद्भुत, युक्ति करनेवाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा।

7 उसकी प्रभुता और शान्ति का अन्त न होगा, वह दाऊद की राजगद्दी पर और अपने राज्य पर उस समय से लेकर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा उसे व्यवस्थित और स्थिर करेगा। सेनाओं के यहोवा का उत्साह यह सब कुछ करेगा।

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