terça-feira, 16 de setembro de 2025

भविष्यद्वक्ता यशायाह की पुस्तक 3

 भविष्यद्वक्ता यशायाह की पुस्तक 3

1 क्योंकि देखो, सेनाओं का परमेश्वर यहोवा यरूशलेम और यहूदा से लाठी और रोटी की सारी लाठी और जल की सारी प्यास दूर करेगा;

2 वीर, योद्धा, न्यायी, भविष्यद्वक्ता, भविष्यवक्ता और पुरनिये;

3 पचास सिपाहियों के सरदार, कारीगरों में बुद्धिमान और कुशल वक्ता;

4 और मैं उनके लिये जवानों को हाकिम बनाऊँगा, और बच्चे उन पर शासन करेंगे।

5 और प्रजा पर अत्याचार होगा; एक दूसरे के विरुद्ध होगा, और हर एक अपने पड़ोसी के विरुद्ध होगा; बच्चा बूढ़ों के विरुद्ध और नीच मनुष्य कुलीनों के विरुद्ध निर्भीक होगा।

6 जब कोई अपने पिता के घर में अपने भाई के पास जाए, और कहे, 'तेरे पास वस्त्र हैं; हमारा प्रधान बन, और इस उजड़े हुए को अपने अधीन कर;'

7 उस दिन वह चिल्लाकर कहेगा, “मैं वैद्य नहीं हो सकता, न मेरे घर में रोटी है, न वस्त्र; मुझे प्रजा का प्रधान न बना।”

8 क्योंकि यरूशलेम ठोकर खा गया है, और यहूदा गिर गया है; क्योंकि उनकी जीभ और उनके काम यहोवा के विरुद्ध हैं, और उसकी महिमामयी आँखों को भड़काते हैं।

9 उनके चेहरों का रूप ही उनके विरुद्ध गवाही देता है; वे सदोम के समान अपने पापों का प्रचार करते हैं; वे उन्हें छिपाते नहीं। उनकी आत्माओं पर हाय! क्योंकि वे स्वयं को हानि पहुँचा रहे हैं।

10 धर्मियों से कहो कि उनका भला होगा, क्योंकि वे अपने कर्मों का फल भोगेंगे।

11 दुष्टों पर हाय! उनका बुरा होगा, क्योंकि उनके कामों का फल उन्हें मिलेगा।

12 मेरे लोगों पर अत्याचार करनेवाले बच्चे हैं, और स्त्रियाँ उनकी सरकार की मुखिया हैं। हे मेरे लोगों! जो तुम्हारी अगुवाई करते हैं, वे तुम्हें धोखा देते हैं और तुम्हारे मार्गों को बिगाड़ते हैं। 

13 यहोवा वाद-विवाद करने के लिए उठता है, और लोगों का न्याय करने के लिए निकलता है।

14 यहोवा अपनी प्रजा के पुरनियों और उनके हाकिमों पर न्याय करने को आया है; क्योंकि तुम ही हो जिन्होंने इस दाख की बारी को खा लिया है; कंगालों की लूट तुम्हारे घरों में है।

15 सेनाओं के परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है, तुम मेरी प्रजा को क्यों सताते हो और कंगालों का मुँह क्यों पीसते हो?

16 इसके अलावा, यहोवा कहता है: क्योंकि सिय्योन की बेटियाँ घमण्डी हैं, और गर्दन तानकर चलती हैं, और उनके चेहरे पर वासना भरी है, और जब वे चलती हैं, तो ऐसा लगता है मानो वे नाच रही हों, और उनके पैर खड़खड़ा रहे हों:

17 इसलिए यहोवा सिय्योन की बेटियों के सिर पर पपड़ी बना देगा, और यहोवा उनका नंगापन उघाड़ देगा। 

18 उस दिन यहोवा गार्टर, मछलीजाल और चांदनी की शोभा छीन लेगा;

19 बालियाँ, कंगन और चमकते हुए वस्त्र;

20 सिर के पट्ट, बाजूबंद, जंजीरें, इत्रदान और बालियाँ;

21 अंगूठियाँ और नाक के गहने;

22 शाम के कपड़े, लबादे, टोपी और ब्रोच;

23 दर्पण, बढ़िया सनी के वस्त्र, सिर के टोप और ओढ़नी।

24 और सुगंध की जगह दुर्गंध होगी, और कमरबंद की जगह डोरी, और घुंघराले बालों की जगह गंजापन, और ढीले वस्त्र की जगह टाट, और सुन्दरता की जगह जलन होगी।

25 और उसके फाटक विलाप और विलाप करेंगे, और वह भूमि पर उजाड़ बैठी रहेगी।

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