sexta-feira, 26 de setembro de 2025

भविष्यवक्ता यशायाह की पुस्तक 17 अश्शूर की सेना के विनाश की भविष्यवाणी की गई है

 भविष्यवक्ता यशायाह की पुस्तक 17

अश्शूर की सेना के विनाश की भविष्यवाणी की गई है


12 उन विशाल राष्ट्रों की भीड़ पर हाय, जो समुद्र के गर्जन के समान गरजते हैं, और उन राष्ट्रों के गरजने पर हाय, जो प्रचंड जल के गरजने के समान गरजते हैं!

13 राष्ट्र अनेक जल के गरजने के समान गरजेंगे, परन्तु वह उन्हें डाँटेगा, और वे दूर भाग जाएँगे; वे पहाड़ों से भूसी की तरह हवा से, या बवंडर से गेंद की तरह उड़ा दिए जाएँगे।

14 शाम ​​को भय छा जाता है, और भोर से पहले वे गायब हो जाते हैं। हमें लूटने वालों का यही भाग है, और हमें लूटने वालों का यही भाग्य है।

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