quarta-feira, 2 de julho de 2025

भजन संहिता 119 प्रभु के कानून की श्रेष्ठता और इसे मानने वालों का आशीर्वाद 161 से 168

 भजन संहिता 119

प्रभु के कानून की श्रेष्ठता और इसे मानने वालों का आशीर्वाद

161 से 168


161 हाकिमों ने मुझे अकारण सताया है, परन्तु मेरा हृदय तेरे वचन से भय खाता है।

162 मैं तेरे वचन से आनन्दित होता हूँ, जैसे कोई बड़ी लूट पाता है।

163 मैं झूठ से घृणा और घृणा करता हूँ, परन्तु मैं तेरे कानून से प्रेम करता हूँ।

164 मैं तेरे धर्मी निर्णयों के कारण दिन में प्रायः तेरी स्तुति करता हूँ।

165 तेरे कानून से प्रेम रखनेवालों को बड़ी शान्ति मिलती है, और कोई भी बात उन्हें ठोकर नहीं खिला सकती।

166 हे प्रभु, मैं तेरे उद्धार की आशा रखता हूँ, और मैं तेरी आज्ञाओं को मानता हूँ।

167 मेरा मन तेरी चितौनियों को मानता है; मैं उनसे बहुत प्रेम करता हूँ।

168 मैं तेरे उपदेशों और चितौनियों को मानता हूँ, क्योंकि मेरे सब मार्ग तेरे सम्मुख हैं।

Nenhum comentário:

Postar um comentário