भजन संहिता 119
प्रभु की व्यवस्था की उत्कृष्टता और उसका पालन करने वालों का आशीर्वाद
145 से 152
145 मैं ने अपने पूरे मन से पुकारा है; हे यहोवा, मेरी सुन, और मैं तेरी विधियों को मानूंगा।
146 मैं ने तुझे पुकारा है; मुझे बचा, और मैं तेरी चितौनियों को मानूंगा।
147 मैं भोर का इन्तजार करता रहा, और पुकारता रहा: मैं ने तेरे वचन पर आशा रखी है।
148 मेरी आंखें रात के पहरों में लगी रहीं, कि मैं तेरे वचन पर ध्यान करूं।
149 अपनी करूणा के अनुसार मेरी वाणी सुन; हे यहोवा, अपने न्याय के अनुसार मुझे जिला।
150 जो कुकर्मियों के पीछे चलते हैं, वे तेरे नियम से भटक गए हैं।
151 हे यहोवा, तू निकट है, और तेरी सब आज्ञाएं सत्य हैं।
152 तेरी चितौनियों के विषय में मैं जानता हूं, कि तू ने उन्हें सदा के लिये स्थिर किया है।
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