quarta-feira, 2 de outubro de 2019

व्यवस्थाविवरण २१ मृत्यु का प्रायश्चित जिसका लेखक अज्ञात है

व्यवस्थाविवरण २१
मृत्यु का प्रायश्चित जिसका लेखक अज्ञात है
1 जिस देश में यहोवा तेरा ईश्वर तुम्हें दे सकता है, उसे वह अपने पास रख लेगा, यदि उसे कोई मृत खेत में गिरा तो पता नहीं कि उसने उसे मार डाला।
2 तब तुम्हारे पुरखे और तुम्हारे जज बाहर निकलेंगे, और उन शहरों के लिए जगह मापेंगे जो मृतकों के बारे में गोल हैं;
3 और जिस नगर में मृतकों के समीप, उसी नगर के बुजुर्ग झुंड से बछड़ा ले जाएंगे, जो न तो बछड़ा है और न ही उसका पालन-पोषण;
4 और उस नगर के बुजुर्ग उस बछिया को एक मोटी घाटी में ले आएंगे, जिसे न तो बोया गया था और न ही बोया गया था; और उस घाटी में वे बछिया का वध करेंगे;
5 तब पुजारी, लेवी के पुत्र, पास आएँगे: क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा ने उन्हें उसके पास जाने के लिए और यहोवा के नाम से आशीर्वाद देने के लिए चुना था;
6 और उसी नगर के सभी बुजुर्ग, यहाँ तक कि मरे हुओं के लिए, घाटी में मारे हुए नर पर हाथ धोएंगे;
7 और वे विरोध करेंगे और कहेंगे, हमारे हाथों ने यह खून नहीं बहाया है, और हमारी आँखों ने इसे नहीं देखा है।
8 अपने लोगों के लिए इज़रायल बनो, जिन्हें तुमने भुनाया है, हे यहोवा, और अपने लोगों के बीच निर्दोष खून मत डालो। और वह खून उनके लिए प्रायश्चित किया जाएगा।
9 इस प्रकार तुम निर्दोषों का खून तुम में से निकाल लोगे: क्योंकि तुम यहोवा की दृष्टि में सही हो।

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