quinta-feira, 20 de janeiro de 2022

2 शमूएल 13 अम्मोन तामार से प्यार करता है और अनाचार करता है

 2 शमूएल 13

अम्मोन तामार से प्यार करता है और अनाचार करता है

1 इसके बाद ऐसा हुआ, कि जब दाऊद के पुत्र अबशालोम की एक सुन्दर बहिन थी, जिसका नाम तामार था, तब दाऊद का पुत्र अम्मोन उस से प्रीति रखता था।

2 और आमोन अपक्की बहिन तामार के कारण रोगी होने तक उदास रहा, क्योंकि वह कुँवारी थी: और आमोन की दृष्टि में उस से कुछ करना कठिन जान पड़ता था।

3 परन्तु आमोन का एक मित्र था, जिसका नाम योनादाब था, जो शिमा का पुत्र, और दाऊद का भाई था; और योनादाब बहुत ही चतुर व्यक्ति था।

4 उस ने उस से कहा, तू राजा का पुत्र होने के कारण प्रति दिन भोर को पतला क्यों हो जाता है? क्या आप मुझे नहीं बताएंगे? और आमोन ने उस से कहा, मैं अपके भाई अबशालोम की बहिन तामार से प्रीति रखता हूं,

5 तब योनादाब ने उस से कहा, अपक्की खाट पर लेट जा, और रोगी होने का दिखावा कर; और जब तेरा पिता तुझ से भेंट करने को आए, तब उस से कहना, हे मेरी बहिन तामार, आ, और मुझे रोटी खिला, और भोजन पका। अपनी आंखों के साम्हने, कि मैं उसको देखूं, और तेरे हाथ से खाऊं।

6 तब आमोन लेट गया, और रोगी होने का दिखावा किया; और जब राजा उस से भेंट करने को आया, तब आमोन ने राजा से कहा, मेरी बहिन तामार आकर मेरी आंखोंके साम्हने दो रोटियां तैयार करे, कि मैं उसके हाथ से खाऊं।

7 तब दाऊद ने तामार के पास यह कहला भेजा, कि अपके भाई आमोन के घर जाकर उसके लिये भोजन करा।

8 और तामार अपके भाई आमोन के घर गई, जो लेटी हुई या, और लोई लेकर गूंथे, और उनके साम्हने रोटियां बनाकर रोटियां बनाईं।

9 और वह कड़ाही ले कर अपके साम्हने बाहर ले आया; लेकिन उसने खाने से इनकार कर दिया। और आमोन ने कहा, उन सब को मेरे साम्हने से बाहर ले आओ। और सब उससे हट गए।

10 तब आमोन ने तामार से कहा, भोजन को कोठरी में ले आओ, और मैं उसे तुम्हारे हाथ से खाऊंगा। और तामार ने अपनी बनाई हुई रोटियोंको लेकर अपके भाई आमोन के पास कोठरी में ले गई।

11 और जब वह उनके पास खाने के लिथे आया, तब उस ने उसे लेकर उस से कहा, हे मेरी बहिन, आ, मेरे साथ सो।

12 परन्तु उस ने उस से कहा, नहीं, मेरे भाई, मुझ पर दबाव न डाल, क्योंकि इस्राएल में ऐसा नहीं है; ऐसा पागलपन मत करो।

13 क्‍योंकि मैं अपक्की लज्जा के साथ कहां जाऊंगा? और तुम इस्राएल के मूर्खों में से एक के समान होगे। इसलिथे अब मैं तुझ से बिनती करता हूं, कि राजा से बातें कर, क्योंकि वह तुझ से मेरा इन्कार न करेगा।

14 परन्तु उस ने उसकी एक न सुनी; वरन उस से बलवन्त होकर उस ने उसे विवश किया, और उसके साथ सो गया।

15 तब आमोन उस से बड़े झुंझलाहट के साथ बैर करने लगा, क्योंकि जिस झुंझलाहट से वह उस से बैर रखता था, वह उस प्रेम से भी बढ़कर था, जो उस ने उस से किया था। और आमोन ने उस से कहा, उठकर चला जा।

16 तब उस ने उस से कहा, तुझे इस रीति से मुझे विदा करनेका कोई कारण नहीं; यह बुराई उस से बड़ी होगी जो तू ने मुझ पर पहिले ही की है। लेकिन मैं उसकी बात नहीं सुनना चाहता था।

17 तब उस ने अपके दास को जो अपक्की सेवा करता या, बुलवाकर कहा, इस को बाहर निकाल, और उसके पीछे किवाड़ बन्द कर।

18 और उसके पास बहुत रंग का वस्त्र पहिना हुआ था (क्योंकि राजाओं की कुँवारी बेटियाँ भी इसी प्रकार पहिने हुए थीं), और उसकी दासी ने उसे फेंक दिया, और उसके पीछे किवाड़ बन्द कर दिया।

19 तब तामार ने अपके सिर की राख, और बहुरंगी वस्त्र जो वह पहिने हुए या, फाड़ लिए, और सिर पर हाथ रखे, और चलकर रोती रही।

20 और उसके भाई अबशालोम ने उस से कहा, क्या तेरा भाई आमोन तेरे संग था? बेशक; मेरी बहन, चुप रहो; और आपका भाई। इस पर तुम्हारा हृदय शोक न करे। तामार भी वैसा ही था, और वह अपके भाई अबशालोम के घर में अकेली थी।

21 जब राजा दाऊद ने ये सब बातें सुनीं, तब बहुत क्रोध भड़क उठा।

22 परन्तु अबशालोम ने आमोन से न तो भला कहा, न भला; क्योंकि अबशालोम ने आमोन से बैर रखा, क्योंकि उस ने अपक्की बहिन तामार को विवश किया।

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