terça-feira, 11 de janeiro de 2022

2 शमूएल 12 नातान भविष्यद्वक्ता दाऊद को डांटता है

 2 शमूएल 12

नातान भविष्यद्वक्ता दाऊद को डांटता है

1 और यहोवा ने नातान को दाऊद के पास भेजा, और जब वह दाऊद के पास गया, तब उस ने उस से कहा, एक नगर में दो मनुष्य थे, एक धनी और दूसरा कंगाल।

2 धनवान के पास बहुत भेड़-बकरियां और गाय-बैल थे;

3 परन्तु उस कंगाल के पास कुछ न था, केवल एक भेड़ का बच्चा जिसे उस ने मोल लिया और पाला था; और वह उसके और उसके लड़केबालोंके संग पली-बढ़ी थी; उस ने उसके निवाले में से खाया, और उसके कटोरे में से पिया, और उसकी गोद में सो गया, और उसे अपक्की बेटी बना लिया।

4 और जब कोई मुसाफिर धनवान के पास आया, तो अपक्की भेड़-बकरियां और गाय-बैल अपने पास आनेवाले यात्री की चराई करने को न निकला; उसे।

5 तब दाऊद का कोप उस मनुष्य पर भड़का, और उस ने नातान से कहा, यहोवा के जीवन की शपय जिस ने ऐसा किया वह मृत्यु के योग्य है।

6 और भेड़ के बच्चे को वह फिर चौगुना देगा, क्योंकि उस ने यह काम किया, और उस पर दया न हुई।

7 तब नातान ने दाऊद से कहा, वह पुरूष तू ही है। इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मैं ने इस्राएल का राजा होने के लिथे तेरा अभिषेक किया है, और मैं ने तुझे शाऊल के हाथ से छुड़ाया है,

8 और मैं ने तेरे स्वामी का घराना, और तेरे स्वामी की स्त्रियां तेरी गोद में दीं, और इस्राएल और यहूदा का घराना भी तुझे दे दिया, और यह थोड़ा ही है, परन्तु ऐसी-ऐसी वस्तुएं भी मैं तुझ से मिला दूंगा।

9 फिर क्यों; क्या तू ने यहोवा के वचन को तुच्छ जाना, और उसकी दृष्टि में बुरा किया है? तू ने हित्ती ऊरिय्याह को तलवार से मारा, और उसकी पत्नी को अपक्की पत्नी बना लिया; और उसको तू ने अम्मोनियोंकी तलवार से मार डाला।

10 इसलिथे अब तलवार तेरे घर से कभी न हटेगी, क्योंकि तू ने मुझे तुच्छ जाना, और हित्ती ऊरिय्याह की पत्नी को अपक्की पत्नी बना लिया है।

11 यहोवा यों कहता है, देख, मैं तेरे घर में से तुझ पर विपत्ति उत्पन्न करूंगा, और तेरी पत्नियोंको तेरे साम्हने ब्याह करके तेरे पड़ोसी को दूंगा, जो तेरी पत्नियोंके संग इस सूर्य के साम्हने सोएगा।

12 क्योंकि यह तो तू ने गुप्त में किया है, परन्तु मैं यह काम सारे इस्राएल और सूर्य के साम्हने करूंगा।

13 तब दाऊद ने नातान से कहा, मैं ने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है। और नातान ने दाऊद से कहा, यहोवा ने तेरा पाप भी दूर किया है; तुम नहीं मरोगे।

14 परन्तु इस स्थान के इस काम के कारण, जिसकी यहोवा के शत्रु निन्दा करते हैं, जो पुत्र तेरा उत्पन्न होगा वह निश्चय मर जाएगा।

15 तब नातान अपके घर को गया; और जो बालक ऊरिय्याह की पत्नी से दाऊद के उत्पन्न हुआ या, उस को यहोवा ने मार लिया, और वह बहुत रोगी हो गया।

16 तब दाऊद ने बालक के लिथे परमेश्वर को ढूंढ़ा, और दाऊद उपवास करके भीतर गया, और पृय्वी पर दण्डवत करके रात बिताई।

17 तब उसके घराने के पुरनिये उठकर उसके पास पृय्वी पर से जिलाने को आए; परन्तु उसने न चाहा, और उनके साथ रोटी न खाई।

18 और ऐसा हुआ कि सातवें दिन बालक मर गया: और दाऊद के सेवक उस से यह कहने से डरते थे कि बालक मर गया है, क्योंकि उन्होंने कहा, देखो, जब तक बालक जीवित था, तब हम ने उस से बातें कीं, तौभी उस ने हमारी न सुनी; तो हम उसे कैसे कहें कि बच्चा मर गया है? क्योंकि इससे आपको ज्यादा तकलीफ होगी।

19 परन्तु जब दाऊद ने देखा, कि उसके कर्मचारी धीमी शब्‍द में बातें कर रहे हैं, और दाऊद समझ गया कि बालक मर गया है, तब दाऊद ने अपके कर्मचारियोंसे कहा, क्या बालक मर गया? और उन्होंने कहा: यह मर चुका है।

20 तब दाऊद ने भूमि पर से उठकर नहा-धोकर अपना अभिषेक किया, और अपके वस्त्र पहिने हुए यहोवा के भवन में जाकर दण्डवत किया; तब उस ने अपके घर जाकर रोटी मांगी; और उन्होंने उसको रोटी दी, और उस ने खाया।

21 तब उसके कर्मचारियोंने उस से कहा, तू ने यह क्या किया है? जीवित बालक के लिये तू ने उपवास किया और रोया; परन्तु बालक के मरने के बाद तुम उठे और रोटी खाई।

22 उस ने कहा, जब बालक जीवित था, तब मैं ने उपवास करके रोया, क्योंकि मैं ने कहा, कौन जाने कि यहोवा मुझ पर दया करे, और बालक को जीवित रहने दे?

23 परन्तु अब जब वह मर गया, तो अब मैं क्यों उपवास करूं? क्या मैं उसे अब और वापस ला सकता हूँ? मैं उसके पास जाऊंगा, लेकिन वह मेरे पास नहीं लौटेगी।

24 तब दाऊद ने अपक्की पत्नी बतशेबा को शान्ति दी, और उसके पास जाकर उसके संग लेट गया; और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उसका नाम सुलैमान रखा; और यहोवा ने उस से प्रेम रखा।

25 और उस ने नातान भविष्यद्वक्ता के हाथ से कहला भेजा, और यहोवा के निमित्त उसका नाम यदीज्जा रखा।

26 तब योआब ने अम्मोनियोंमें से रब्बा से युद्ध करके राजनगर को ले लिया।

27 तब योआब ने दूतोंको दाऊद के पास यह कहला भेजा, कि मैं रब्बा से लड़ा, और जल के नगर भी ले लिया।

28 अब और नगर के चारोंओर के लोगोंको इकट्ठा करके ले लो, कहीं ऐसा न हो कि जब मैं नगर को ले लूं, तब उस में मेरा नाम न लिया जाए।

29 तब दाऊद ने सब लोगोंको इकट्ठा किया, और रब्बा को जाकर उस से लड़कर उसे ले लिया।

30 और उस ने अपके राजा के सिर पर से मुकुट उतार दिया, जिसका तौल एक किक्कार सोने का या, और उस में मणि थे, और वह दाऊद के सिर पर रखा गया; और उस ने नगर की बहुत बड़ी लूट ले ली।

31 और उस में के लोगोंको लाकर उस ने आरी, और लोहे की छेनी, और लोहे की कुल्हाड़ियां लगाई, और उन्हें ईंट के भट्टे में झोंक दिया; और अम्मोनियों के सब नगरों से वैसा ही किया; और दाऊद और सब लोग यरूशलेम को लौट गए।

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