domingo, 1 de janeiro de 2017

छिछोरापन 07 शांति यज्ञ कानून

छिछोरापन 07
शांति यज्ञ कानून
11 और मेलबलि के जो वह भगवान को चढ़ाए का नियम है:
12 वह भजन के लिए यह प्रस्ताव तो धन्यवाद बलि के साथ, अखमीरी रोटियां तेल के साथ मिश्रित की पेशकश; और अखमीरी वेफर्स तेल के साथ मिश्रित; और तेल से सने हुए केक आटा में तली हुई हो जाएगा।
13 उसकी शांति प्रसाद का धन्यवाद बलि के साथ अपनी भेंट के रूप में खमीर का केक के साथ।
14 और हर की पेशकश प्रभु के लिए एक भेंट, पुजारी कि शांति प्रसाद के खून छिड़कनेवाले करने के लिए।
15 परन्तु उसकी शांति प्रसाद का धन्यवाद बलि का मांस उसकी भेंट के दिन खाया जा: वह इसे सुबह तक छोड़ नहीं करेगा।
16 और व्रत, या स्वेच्छा प्रसाद, दिन में करके अपने प्रस्ताव उनके बलिदान की पेशकश करने के बलिदान खाया जाए, तो और यह बात भी अगले दिन खाया जा जा;
17 और तीसरे दिन बलिदान के मांस के शेष आग से जला दिया जाए।
18 के लिए अपने शांति चढ़ावे का मांस तीसरे दिन खाया जाता है, तो एक है जो की पेशकश की यह स्वीकार नहीं किया जाएगा, न ही यह अध्यारोपित किया जाएगा; अशुद्ध हैं, और जो व्यक्ति इसे खाने के अपने अधर्म का भार उठाना पड़ेगा।
19 और मांस किसी अशुद्ध वस्तु न खाया जाए छू लेती है; आग से जला दिया जाएगा: मांस के लिए है कि सभी भोगेगा साफ हो।
20 परन्तु आत्मा है कि बलिदान, जो भगवान खुद पर उनकी अशुद्धता के लिए ले जा रहा है का मांस खाए, वह व्यक्ति अपने लोगों में से नाश किया जाए।
21 और यदि एक व्यक्ति किसी अशुद्ध वस्तु, व्यक्ति, या अशुद्ध पशु, या किसी भी अशुद्ध घृणा की अशुद्धता को छू लेती है, और मेलबलि के, जो प्रभु का मांस खाते हैं, उस व्यक्ति को अपने लोगों में से नाश किया जाए।

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