terça-feira, 12 de julho de 2016

भारी संख्या में पलायन 07 फिरोन का मन कठोर शो

भारी संख्या में पलायन 07
फिरोन का मन कठोर शो
14 और यहोवा ने मूसा से कहा, फिरोन का मन कठोर हो गया है; लोगों को जाने के लिए मना कर दिया।
15 सुबह में फिरौन के पास जाओ; देखो, वह पानी के इक्का होगा; नदी तट पर उसके सामने डालता है, और अपने हाथ में जो लाठी सर्प में बदल गया था ले।
16 और आप कहें: हे प्रभु, इब्रियोंके परमेश्वर, मुझे तुझ से भेजा गया है, कह रही है, मेरे लोगों को जाने दे, कि वे जंगल में मेरी उपासना कर सकते हैं; निहारना, अब तक आप नहीं सुना है।
17 यहोवा यों कहता ऐसा करके आप जानेंगे कि मैं हे प्रभु, देख, मैं हूँ छड़ी के साथ, मैं अपने हाथ में है मैं जो पानी नदी में हैं हड़ताल करेंगे, और यह रक्त होगा।
18 और मछली है कि कर रहे हैं में नदी मर जाएगा, और नदी बसाने लगेगी, और घृणा मिी हो जाएगा, नदी का पानी पीने।

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