terça-feira, 3 de outubro de 2017

लेवीय 25 1 और यहोवा ने सीनाय पर्वत पर मूसा से कहा,

लेवीय 25
1 और यहोवा ने सीनाय पर्वत पर मूसा से कहा,
2 इस्राएल के लोगों से कहो, और जब तुम उस देश में आए हो जिसे मैं तुम्हें देता हूं, तो देश सब्त का पालन यहोवा के पास रखेगा।
3 छः वर्ष तक आप अपनी भूमि बोओगे, और छः वर्ष तक आप अपने दाख की बारी काट लेंगे, और अपनी नई चीज काट लेंगे।
4 परन्तु सातवें वर्ष में देश के लिये विश्रमदिन का विश्राम दिन रहेगा, जो यहोवा के लिये सब्त का दिन होगा; न तो तेरा खेत बोओगे और न ही तुम्हारा दाख की बारी छिड़क दे।
5 जो अपनी अपनी फसल से पैदा हुआ है, वह न फटेगा, और न तो तुम्हारी अनुपचारित दाखलता के अंगूर काटेगा, न कटे हुए वर्ष का: पृथ्वी का एक वर्ष होगा।
6 परन्तु पृथ्वी का सब्त का दिन तुम्हारे लिए, तुम्हारा दास, और तुम्हारी दासियों, और तुम्हारे मजदूरों और तुम्हारे साथ रहनेवाले अजनबी का भोजन होगा।
7 और तेरे पशुओं में, और तेरे जानवरों को, जो तेरे देश में हैं, वे सब उनका मांस मांस के लिये होगा।

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