segunda-feira, 23 de outubro de 2017

संख्या 11 इस्राएलियों के बड़बड़ाहट

संख्या 11
 इस्राएलियों के बड़बड़ाहट

1 जब लोगों ने शिकायत की, कि यहोवा की यह बात बुरा है; क्योंकि यहोवा ने उसको सुना, और उसका क्रोध भड़क उठा, और यहोवा की आग उन लोगों के बीच में जला दी, और छावनी के आख़िरी भाग में रहनेवाले उनको नाश किया।
2 तब लोग मूसा से पुकार गए, और मूसा ने यहोवा से प्रार्थना की, और आग बुझ गई।
3 और तेबारा नाम का नाम, क्योंकि उनके बीच यहोवा की आग जल गई।
4 और अशिष्ट, जो उन के बीच में था, महान इच्छा है के लिए आया था: तो इस्राएल के बच्चों को भी फिर से बहाए, और कहा, कौन हमें मांस खाने को देना होगा?
5 हमें याद है कि हमने मछली को मिस्र में मुफ्त में खाया था; और खीरे, और खरबूजे, और pores, और प्याज, और लहसुन।
6 परन्तु अब हमारी आत्मा सूख गई है; हमारी आँखों के सामने इस मन्ना को छोड़कर कुछ भी नहीं।
7 और मन्ना धनिया के बीज के समान था, और उसका रंग ब्थेलियम के रंग की तरह था।
8 लोगों को फैल गया और एकत्र हुए और मिलों में यह जमीन, या एक मोर्टार, और बर्तन में यह उबला हुआ, और बना यह केक: और स्वाद ताजा तेल का स्वाद की तरह था।
9 और जब ओस शिविर पर रात में गिर गई, मन्ना इस पर गिर गया।
10 और मोसेस हर्ड लोगों को उनके परिवारों द्वारा रो, अपने तम्बू के द्वार में हर आदमी: और प्रभु का कोप बहुत भड़क उठा, और यह मूसा की आँखों में बुराई लग रहा था।

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