संख्या 05
व्यभिचार के संदेह में महिला का सबूत
11 और यहोवा ने मूसा से कहा,
12 इस्त्राएलियों से कहो, और जब कोई एक की पत्नी निकल जाए, और अपने विरुद्ध पाप करे,
13 इसलिए कि एक आदमी उसके साथ कुकर्म दिया, और उसके पति की आंखों से छिपा हुआ है, और वह छिपा हुआ है, और वह अशुद्ध है, और उसके खिलाफ कोई गवाह हो, और किया पकड़ा नहीं है,
14 और ईर्ष्या की भावना उस पर आ, और उसकी पत्नी जलन हो रही है, और वह अशुद्ध हो, या वह ईर्ष्या की भावना पर आता है, और उसकी पत्नी जलन हो रही है, नहीं यह दूषित हो रही है,
15 फिर उस आदमी पुजारी पर्यत उसकी पत्नी लाना होगा, और उसके लिए उसे भेंट लाएंगे: एक जौ का आटा efa जिस पर कोई तेल डालना, पर नहीं यह लोबान डाल के दसवें, क्योंकि यह ईर्ष्या के भोजन की पेशकश है , एक स्मारक की पेशकश, जो याद में स्मरण लाती है
16 और याजक उसको निकट लाए, और उसे यहोवा के साम्हने लगाए;
17 और याजक को मिट्टी के बर्तन में पवित्र जल मिलेगा; और वह उस धूल के पुजारी को ले जाएगा जो तम्बू के तल में है, और पानी में लेट जाएगा।
18 और याजक उस स्त्री को यहोवा के साम्हने पेश करेगा, और उस स्त्री के सिर को दिखाएगा; और स्मारक की पेशकश है, जो ईर्ष्या के भोजन की पेशकश है, यह अपने हाथों पर रखा, और कड़वा पानी कि एक अभिशाप लाता है, पुजारी के हाथ में है।
19 और पुजारी जादू करेगा, और महिला को कहते हैं: आप एक रखना, और अगर नहीं इन कड़वा की अशुद्धता अपने पति से आप apartaste, पानी amaldiçoantes, तो आप मुफ्त किया जाएगा।
20 परन्तु यदि तू अपके पति से विवश होकर अपने आप को अशुद्ध करता है, और कोई पुरुष तेरे पति से चला गया है, तो वह तुम्हारे साथ है;
21 और याजक उस शख्स की निंदा के साथ महिला को आच्छादित करेगा; और पुजारी कहेंगे महिला को, भगवान तुमको एक अभिशाप और अपने लोगों के बीच में डाली बनाने के लिए, तुमको भगवान सूखना जांघ और पेट फूलना बनाने के लिए।
22 और यह शापित पानी तेरे पेट में प्रवेश करे, तेरे पेट को फूलने के लिए, और तेरे जांघ को कम करना। तब महिला कहती है, आमीन, आमीन
23 और याजक एक किताब में इन शापों को लिखेगा, और कड़वा पानी से वह उन्हें निकाल देगा।
24 और कड़वा पानी स्त्री को शाप देगी, और शापित पानी शोक करने के लिए उसमें प्रवेश करेगा।
25 और याजक पत्नियों के हाथ से ईर्ष्या की मांस भेंट लेकर यहोवा के साम्हने मांस भेंट चढ़ाए और वेदी पर चढ़ाए।
26 और याजक कुछ मांसबलि और मांस भेंट लेकर वेदी पर जलाएगा, और वह स्त्री को पानी पीने को दे देगा।
27 और जब वह उसे दिया था पानी पीने के लिए, यह होगा अगर वह अशुद्ध हो, और उसके पति के खिलाफ उल्लंघन किया है, अभिशाप पानी करेगा उसकी कड़वाहट में दर्ज करें, और उसके पेट प्रफुल्लित करेगा, और उसकी जांघ descairá; और उस स्त्री को उसके लोगों के बीच एक शाप होगा।
28 और यदि किसी स्त्री को अशुद्ध न हो जाए, परन्तु वह शुद्ध हो जाए, तो वह मुक्त हो जाएगी, और वह बीज पैदा करेगा।
29 यह ईर्ष्या का नियम है, जब उसके पति की शक्ति में एक महिला अलग हो जाएगी और अशुद्ध हो जाएगी;
30 या जब कोई ईर्ष्या मनुष्य के बारे में फैलता है और अपनी पत्नी से ईर्ष्या करता है, तो उस स्त्री को यहोवा के साम्हने पेश कर और उसके पास याजक इस नियम का पालन करे।
31 और मनुष्य को अधर्म से बचाया जाएगा, परन्तु स्त्री उसके अधर्म का पालन करेगी;
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