domingo, 2 de novembro de 2025

भविष्यवक्ता यशायाह की पुस्तक 54 कलीसिया की प्रगति और महिमा

 भविष्यवक्ता यशायाह की पुस्तक 54

कलीसिया की प्रगति और महिमा


1 हे बांझ, तू जो जन्म नहीं देती, आनन्द से गा; हे तू जो प्रसव पीड़ा से नहीं गुज़री, हर्ष से गा और जयजयकार कर; क्योंकि त्यागी हुई स्त्री के बच्चे विवाहित स्त्री के बच्चों से अधिक हैं, यहोवा की यही वाणी है।

2 अपने तम्बू का स्थान चौड़ा कर, और अपने घरों के परदे तान; कुछ न छोड़; अपनी रस्सियाँ लंबी कर, और अपने खूँटों को दृढ़ कर।

3 क्योंकि तू दाएँ-बाएँ फैलेगी, और तेरे वंशज जातियों के अधिकारी होंगे, और उजड़े हुए नगरों में बसेंगे।

4 मत डर, क्योंकि तू लज्जित न होगी; न ही अपमानित होगी, क्योंकि तू लज्जित न होगी; क्योंकि तू अपनी जवानी की लज्जा भूल जाएगी, और अपने विधवापन की निन्दा फिर स्मरण न रखेगी।

5 क्योंकि तेरा रचयिता तेरा पति है; उसका नाम सेनाओं का यहोवा है, और इस्राएल का पवित्र तेरा छुड़ानेवाला है; वह सारी पृथ्वी का परमेश्वर कहलाएगा।

6 क्योंकि यहोवा ने तुझे त्यागी हुई और उदास स्त्री के समान, और तुच्छ जवानी की स्त्री के समान बुलाया है, तेरे परमेश्वर की यही वाणी है।

7 क्षण भर के लिए मैं ने तुझे त्याग दिया था, परन्तु अब बड़ी दया करके तुझे फिर से इकट्ठा करूँगा।

8 बड़े क्रोध में आकर मैंने क्षण भर के लिए तुझ से अपना मुख छिपा लिया था, परन्तु अब अनन्त करूणा से मैं तुझ पर दया करूँगा, यहोवा, तेरे छुड़ानेवाले की यही वाणी है।

9 क्योंकि यह मेरे लिये नूह के समय के जलप्रलय के समान है; क्योंकि मैं ने शपथ खाई है कि नूह के समय का जलप्रलय पृथ्वी को फिर कभी न डुबाएगा, इसी प्रकार मैं ने यह भी शपथ खाई है कि मैं फिर कभी तुझ पर क्रोध न करूँगा, और न तुझे डाँटूँगा।

10 चाहे पहाड़ हट जाएँ और पहाड़ियाँ टल जाएँ, तौभी मेरी करूणा तुझ से न हटेगी, और न मेरी शान्ति की वाचा टलेगी, यहोवा, जो तुझ पर दया करता है, उसकी यही वाणी है।

11 हे दुःखी, तू जो तूफ़ान से त्रस्त है और जिसे शान्ति नहीं मिली! देख, मैं तेरे पत्थरों को सुन्दर रंगों से जड़ूँगा, और उनकी नींव नीलम से डालूँगा।

12 मैं तेरे खिड़कियाँ स्फटिक की, तेरे द्वार माणिकों के, और तेरे सब किनारों को बहुमूल्य पत्थरों से बनाऊँगा।

13 तेरे सब बच्चे यहोवा के सिखाए हुए होंगे, और तेरे बच्चों को बड़ी शान्ति मिलेगी।

14 तू धार्मिकता में स्थिर रहेगा; तू अन्धेर से दूर रहेगा, क्योंकि तुझे भय न होगा; और भय से भी दूर रहेगा, क्योंकि वह तेरे पास न आएगा।

15 देख, वे इकट्ठे तो हो सकते हैं, परन्तु मेरी ओर से नहीं; जो कोई तेरे विरुद्ध इकट्ठा होगा, वह तेरे कारण गिरेगा।

16 देख, मैं ने उस लोहार को सृजा है जो आग के अंगारे फूंकता है और अपने काम के लिए औज़ार बनाता है; मैं ने नाश करनेवाले को भी बनाया है जो नाश करे।

17 तेरे विरुद्ध बनाया गया कोई भी हथियार सफल न होगा, और जो कोई न्याय करने के लिए तेरे विरुद्ध बोलेगा, तू उसे दोषी ठहराएगा। यहोवा के दासों का भाग यही है, और उनका धर्म मुझ से ही होगा, यहोवा की यही वाणी है।

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