भविष्यवक्ता यिर्मयाह की पुस्तक 4
1 हे इस्राएल, यदि तुम लौट आओ, तो यहोवा की यही वाणी है; और यदि तुम अपने घृणित कामों को मेरे सामने से दूर कर दोगे, तो फिर कभी इधर-उधर भटकोगे नहीं।
2 और तुम शपथ खाओगे: “यहोवा के जीवन की शपथ, सच्चाई, न्याय और धर्म से!” और जातियाँ उसी में अपने को धन्य कहेंगी, और उसी में घमण्ड करेंगी।
3 क्योंकि यहोवा यहूदा और यरूशलेम के लोगों से यों कहता है: “अपनी परती भूमि जोतो, और काँटों में बीज मत बोओ।
4 हे यहूदा के लोगों और यरूशलेम के निवासियों, यहोवा के लिए अपना खतना करो और अपने हृदयों की खलड़ियाँ उतार डालो, ऐसा न हो कि तुम्हारे बुरे कामों के कारण मेरा क्रोध आग की नाईं भड़क उठे और उसे बुझाने वाला कोई न हो।”
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