मैं किंग्स 11
परमेश्वर विरोधियों को सुलैमान के विरूद्ध भड़काता है
14 और यहोवा ने सुलैमान के लिथे इदूमीन हदद को खड़ा किया, वह एदोम के राजा के वंश का या।
15 क्योंकि जब दाऊद एदोम में या, और सेनापति योआब मरे हुओं को मिट्टी देने को गया, तब उस ने एदोम के सब पुरूषोंको मार डाला।
16 (योआब सारे इस्राएल समेत वहां छ: महीने तक रहा, जब तक कि उस ने एदोम के सब पुरूषोंको नाश न कर डाला)।
17 परन्तु हदद अपने पिता के दासोंमें से कुछ इदूमी पुरूषोंको संग लेकर मिस्र को जाने को भाग गया; परन्तु हदद तो छोटा लड़का या।
18 और वे मिद्यान से उठकर पारान को आए, और पारान के पुरूषोंको संग लेकर मिस्र में फिरौन राजा के पास गए, और उस ने उसको घर दिया, और भोजनवस्तु दी, और भूमि भी दी।
19 और हदद पर फिरौन का अनुग्रह बहुत हुआ, यहां तक कि उस ने उसकी पत्नी के लिये उसकी पत्नी तक्पनीस की बहिन, जो रानी थी, ब्याह दी।
20 और तक्पनीस की बहिन से उसके पुत्र गनूबत उत्पन्न हुआ, और तकपनेस ने उसे फिरौन के भवन में पाला; और गनूबत फिरौन के वंश में से हुआ।
21 जब हदद ने मिस्र में सुना, कि दाऊद अपने पुरखाओं के संग सो गया, और सेनाओं का प्रधान योआब मर गया, तब हदद ने फिरौन से कहा, मुझे विदा कर, कि मैं अपने देश को चला जाऊं।
22 फिरौन ने उस से कहा, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया, जो अपने देश को जाना चाहता है? उस ने कहा, कुछ नहीं, तौभी मुझे भेज दे।
23 और परमेश्वर ने उसके लिथे एक और शत्रु को खड़ा किया, अर्यात् एल्यादा का पुत्र रजोन, जो अपने स्वामी सोबा के राजा हददेजेर के पास से भागा या,
24 और जिस समय दाऊद ने उनको घात किया, उस समय वह भी उसके विरूद्ध पुरूष इकट्ठे करके दल का प्रधान या, और दमिश्क को जाकर वहां बस गए, और दमिश्क में राज्य करते रहे।
25 और वह सुलैमान के जीवन भर इस्राएल का विरोधी रहा, और यह उस बुराई को छोड़ जो हदद ने किया या; क्योंकि वह इस्राएल से बैर रखता था, और सूरिया पर राज्य करता था।
26 और नबात का पुत्र यारोबाम, जो जेरेदा का एप्राती और सुलैमान का दास या, (जिसकी माता विधवा थी, और उसका नाम सरूआ था) भी राजा पर हाथ उठाया।
27 और उस ने राजा के विरूद्ध हाथ उठाया, इसका कारण यह हुआ, कि सुलैमान ने मिल्लो को बसाया, और अपने मूलपुरुष दाऊद के नगर के द्वार बन्द किए।
28 और यारोबाम वीर और वीर था; और जब सुलैमान ने उस जवान को देखा, कि वह मेहनती है, तो उस ने उसे यूसुफ के घराने का सारा काम सौंप दिया।
29 और उस समय ऐसा हुआ, कि यारोबाम यरूशलेम से निकल रहा या, और शिलोनी भविष्यद्वक्ता अहिय्याह उसको मार्ग में मिला, और उस ने नया वस्त्र पहिनाया या, और वे दोनों मैदान में अकेले थे।
30 और अहिय्याह ने अपना नया वस्त्र जो पहिनाया या, उसे लेकर बारह टुकड़े टुकड़े कर दिया।
31 और उस ने यारोबाम से कहा, दस टुकड़े ले ले; क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, देख, मैं राज्य को सुलैमान के हाथ से छीन लूंगा, और दसों गोत्र तेरे हाथ में कर दूंगा।
32 परन्तु अपने दास दाऊद के कारण, और यरूशलेम के कारण, जिसे मैं ने इस्राएल के सब गोत्रोंमें से चुन लिया है, उसका एक गोत्र होगा।
33 क्योंकि उन्होंने मुझे त्यागकर सीदोनियोंकी देवी अशतारोत, और मोआबियोंके देवता कामोस, और अम्मोनियोंके देवता मिल्कोम को दण्डवत् किया; और वे अपने पिता दाऊद की नाईं मेरे मार्गों पर नहीं चले, और जो मेरी दृष्टि में ठीक है, अर्यात् मेरी विधियों और नियमोंको नहीं मानते थे।
34 परन्तु मैं इस राज्य में से कुछ भी उसके हाथ से न छीनूंगा; परन्तु अपने दास दाऊद के कारण, जिसे मैं ने चुन लिया है, जो मेरी आज्ञाओं और विधियों को मानता आया है, मैं उसे जीवन भर प्रधान बनाए रखूंगा।
35 परन्तु मैं उसके पुत्र के हाथ से राज्य छीन लूंगा, और उसके दसों कुलों समेत तुम को दे दूंगा।
36 और मैं उसके पुत्र को एक गोत्र दूंगा; इसलिये कि यरूशलेम अर्थात् उस नगर में, जिसे मैं ने अपना नाम रखने के लिथे चुन लिया है, मेरे दास दाऊद का दीपक सदैव मेरे साम्हने बना रहे।
37 और मैं तुझे ले लूंगा, और तू अपनी इच्छा सब पर राज्य करेगा; और तू इस्राएल का राजा होगा।
38 और यदि तू मेरी सब आज्ञाओं को माने, और मेरे मार्गों पर चले, और जो मेरी दृष्टि में ठीक है वही करे, और मेरे दास दाऊद की नाईं मेरी विधियों और मेरी आज्ञाओं को माने, तो मैं तेरे संग रहूंगा, और मैं तुम्हारे लिये एक दृढ़ घर बनाऊंगा, जैसा मैं ने दाऊद का बनाया, और मैं तुम्हें इस्राएल दूंगा।
39 और इसलिथे मैं दाऊद के वंश को दु:ख दूंगा; हालाँकि हमेशा के लिए नहीं.
40 इसलिये सुलैमान ने यारोबाम को घात करना चाहा; परन्तु यारोबाम उठकर मिस्र के राजा शीशक के पास मिस्र में भाग गया; और सुलैमान के मरने तक वह मिस्र में रहा।
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