मैं किंग्स 09
वह श्रद्धांजलि जो सुलैमान ने लगाई
15 और उस कर का जो राजा सुलैमान ने ठहराया या, कि यहोवा का भवन और उसका भवन, और मिलो, और यरूशलेम की शहरपनाह, और हासोर, और मगिद्दो, और गेजेर भी बनवाए।
16 और मिस्र के राजा फिरौन ने चढ़ाई करके गेजेर को ले लिया, और उसे आग में फूंक दिया, और उस नगर में रहनेवाले कनानियोंको घात किया, और उसे अपक्की बेटी सुलैमान की पत्नी को दहेज में दे दिया।
17 इस प्रकार सुलैमान ने गेजेर और निचले भाग बेथोरोम को बसाया,
18 और बालात और तदमोर को, उस देश के जंगल में।
19 और सुलैमान के जितने गोलाबारूद के नगर थे, और रथोंऔर सवारोंके नगर थे, और सुलैमान ने यरूशलेम और लबानोन में और अपके राज्य के सारे देश में जो कुछ बनाना चाहा।
20 और एमोरी, हित्ती, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगोंमें से जो लोग रह गए, और इस्राएलियोंमें से न थे,
21) सुलैमान ने अपने पुत्रों को, जो उनके पीछे देश में रह गये, पूर्णतया नष्ट न कर सके, सुलैमान ने आज के दिन तक उनका कर दास बना कर रखा।
22 परन्तु इस्राएलियों ने सुलैमान को दास न बनाया; परन्तु वे योद्धा, और उनके सेवक, और उनके हाकिम, और उनके प्रधान, और परमेश्वर के रथोंऔर उनके सवारोंके प्रधान थे।
23 जो मुख्य हाकिम सुलैमान के काम पर थे, वे पांच सौ पचास थे, और काम करनेवालोंको आज्ञा देते थे।
24 पर फिरौन की बेटी दाऊद के नगर से उस भवन में गई, जिसे सुलैमान ने उसके लिये बनवाया था; फिर उन्होंने मिलो का निर्माण किया।
25 और सुलैमान ने उस वेदी पर, जो उन्होंने यहोवा के लिये बनाई थी, प्रति वर्ष तीन बार होमबलि और मेलबलि चढ़ाया, और जो वेदी यहोवा के साम्हने थी उस पर धूप जलाया; और इस प्रकार भवन बन गया।
26) राजा सुलैमान ने एस्योन-गेबेर में, जो एदोम देश में शूप सागर के तट पर एलोथ के पास है, जहाज़ बनाये।
27 और हीराम ने अपके दास मल्लाहोंको, जो समुद्र के जाननेवाले थे, उन जहाजोंके साय सुलैमान के दासोंके साय भेज दिया।
28 और वे ओपीर को आए, और वहां से चार सौ बीस किक्कार सोना लेकर राजा सुलैमान के पास ले आए।
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