sábado, 21 de janeiro de 2023

मैं राजा 5 सुलैमान सोर के राजा हीराम के साथ संधि करता है

 मैं राजा 5

सुलैमान सोर के राजा हीराम के साथ संधि करता है

1 और सोर के राजा हीराम ने अपके कर्मचारियोंको सुलैमान के पास भेजा (क्योंकि उस ने सुना या, कि सुलैमान अपके पिता के स्थान पर राजा होने के लिथे अभिषिक्त हुआ है), क्योंकि हीराम सदा दाऊद से प्रीति रखता या।
2 तब सुलैमान ने हीराम के पास कहला भेजा,
3 तू जानता है कि मेरा पिता दाऊद उस युद्ध के कारण जो उन्होंने उसको तब तक घेर रखा या, जब तक यहोवा ने उनको उसके पांव के तले न कर दिया, यहोवा परमेश्वर के नाम का एक भवन न बना सका।
4 परन्तु अब मेरे परमेश्वर यहोवा ने मुझे चारोंओर से विश्रम दिया है; न तो कोई शत्रु है, और न कोई हानि है।
5 और सुन, जैसा यहोवा ने मेरे पिता दाऊद से कहा या, कि तेरा पुत्र जिसे मैं तेरे स्थान पर तेरी गद्दी पर बैठाऊंगा, उसी के अनुसार मैं अपके परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनवाऊंगा; मेरे नाम के लिए।
6 इसलिथे अब आज्ञा दे कि मेरे लिथे लबानोन में से देवदार कटवाए जाएं, और मेरे दास तेरे दासोंके संग रहेंगे, और मैं तेरे दासोंको तेरी सब बातोंके अनुसार मजदूरी दूंगा; क्‍योंकि तू भली भांति जानता है, कि सीदोनियोंकी नाईं लकड़ी काटना हमारे बीच में कोई नहीं जानता।
7 सुलैमान की बातें सुनकर हीराम बहुत आनन्दित हुआ, और कहने लगा, यहोवा आज धन्य है, जिस ने दाऊद को ऐसी बड़ी प्रजा पर बुद्धिमान पुत्र दिया है।
8 और हीराम ने सुलैमान के पास कहला भेजा, कि जो कुछ तू ने मुझे कहने की आज्ञा दी है वह मैं ने सुन लिया है। देवदारों और वृक्षों के विषय मैं तेरी सब इच्छा पूरी करूंगा।
9 मेरे दास उनको लबानोन से समुद्र तक ले जाएंगे, और मैं उनको समुद्र के पार उस स्यान पर बेड़ोंपर चढ़ाऊंगा जो तू ने मेरे लिथे ठहराया है, और वहीं मैं उनको खोलूंगा; और तू उन्हें ले लेना; तू भी मेरी इच्छा पूरी करना, मेरे घर को भोजन देना।
10 तब हीराम ने सुलैमान को देवदार और बीच की सब इच्छा के अनुसार दिए।
11 और सुलैमान हीराम को उसके घराने के खिलाने के लिथे बीस हजार कोर गेहूं, और बीस कोर कूटकर निकाला हुआ तेल देता या; यही सुलैमान हीराम को प्रति वर्ष देता रहा।
12 तब यहोवा ने सुलैमान को अपने कहने के अनुसार बुद्धि दी; और हीराम और सुलैमान के बीच मेल रहा, और उन्होंने वाचा बान्धी।

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