quarta-feira, 4 de janeiro de 2023

 मैं किंग्स 01 सुलैमान को राजा बनाया जाता है

 मैं किंग्स 01

सुलैमान को राजा बनाया जाता है

32 फिर दाऊद राजा ने कहा, मेरे पास सादोक याजक, और नातान नबी, और यहोयादा के पुत्र बनायाह को बुला ले। और वे राजा के साम्हने गए।
33 राजा ने उन से कहा, अपके प्रभु के जनोंको संग लेकर मेरे पुत्र सुलैमान को मेरे खच्चर पर चढ़ाओ; और उसे गीहोन के पास ले आओ।
34 और वहां सादोक याजक नातान नबी के संग इस्राएल का राजा होने के लिथे उसका अभिषेक करे; तब तुम नरसिंगा फूंककर कहना, कि राजा सुलैमान जीवित रहे!
35 तब तुम उसके पीछे पीछे चढ़ाई करना, और वह आकर मेरे सिंहासन पर विराजे, और मेरे स्यान पर राज्य करे; क्योंकि मैं ने उसको इस्राएल और यहूदा के ऊपर अगुवा होने की आज्ञा दी है।
36 तब यहोयादा के पुत्र बनायाह ने राजा को उत्तर देकर कहा, आमीन, मेरे प्रभु राजा का परमेश्वर यहोवा योंकहता है।
37 जैसे यहोवा मेरे प्रभु राजा के साय रहा, वैसे ही सुलैमान के भी संग रहे, और उसके राज्य को मेरे प्रभु राजा दाऊद के राज्य से भी अधिक बढ़ाए।
38 तब सादोक याजक, और नातान नबी, और यहोयादा के पुत्र बनायाह, और करेती और पलेती लोग आए, और सुलैमान को राजा दाऊद के खच्चर पर चढ़ाकर गीहोन को ले गए।
39 तब सादोक याजक ने निवास में से तेल का पात्र लेकर सुलैमान का अभिषेक किया, और नरसिंगा फूंका गया, और सब लोग कहने लगे, राजा सुलैमान जीवित रहे!
40 और सब लोग उसके पीछे पीछे चढ़ गए, और बांसुली बजाते हुए बड़ा आनन्द किया, यहां तक ​​कि पृय्वी उनके चिल्लाने से गूँज उठी।
41 और अदोनिय्याह और उन सब मेहमानोंने जो उसके साथ भोजन कर चुके थे, यह सुन लिया; और योआब ने तुरहियोंका शब्द सुन कर कहा, इस कोलाहल भरे नगर में ऐसा कोलाहल क्यों होता है?
42 वह यह कह ही रहा या, कि एब्यातार याजक का पुत्र योनातान आया, और अदोनिय्याह ने कहा, भीतर जा, तू वीर पुरूष है, और शुभ सन्देश सुनाएगा।
43 योनातान ने अदोनिय्याह से कहा, निश्चय हमारे प्रभु राजा दाऊद ने सुलैमान को राजा बनाया है।
44 और राजा ने उसके संग सादोक याजक, और नातान नबी, और यहोयादा के पुत्र बनायाह, और करेतियोंऔर पलेतियोंको भेजा; और उन्होंने उसको राजा के खच्चर पर चढ़ाया।
45 और सादोक याजक और नातान नबी ने गीहोन में राजा होने के लिथे उसका अभिषेक किया;
46 और सुलैमान भी राजगद्दी पर विराजमान है।
47 और राजा के कर्मचारी हमारे प्रभु राजा दाऊद को यह कहकर धन्य कहने आए, कि तेरा परमेश्वर सुलैमान का नाम तेरे नाम से भी महान करे; और उसके सिंहासन को अपके सिंहासन से अधिक महान कर। और राजा ने शय्या पर प्रणाम किया।
48 और राजा ने योंकहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा धन्य है, जिस ने आज उसको मेरी गद्दी पर विराजमान किया है, कि मैं अपक्की आंखोंसे उसको देखूं।
49 तब अदोनिय्याह के संग जितने अतिथि थे सब कांप उठे, और उठकर अपके अपके मार्ग पर चले गए।
50 परन्तु अदोनिय्याह सुलैमान से डर गया, और उठकर जाकर वेदी के सींगोंको पकड़ लिया।
51 और सुलैमान को यह समाचार मिला, कि अदोनिय्याह सुलैमान राजा से डरता है; .
52 सुलैमान ने कहा, यदि वह भला मनुष्य हो, तो उसका एक बाल भी भूमि पर गिरने न पाएगा; परन्तु यदि उस में बुराई पाई जाए, तो वह मर जाएगा।
53 तब राजा सुलैमान ने दूत भेजकर उसको वेदी के पास से नीचे उतार दिया; और उस ने आकर राजा सुलैमान को दण्डवत की, और सुलैमान ने उस से कहा, अपके घर चला जा।

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