quarta-feira, 4 de janeiro de 2023

 मैं किंग्स 01 दाऊद का बुढ़ापा

 मैं किंग्स 01

दाऊद का बुढ़ापा

1 जब दाऊद राजा बूढ़ा हुआ, और कुछ ही दिनों में उसको वस्त्र पहिनाया गया, परन्तु वह गर्म न हुआ।
2 उसके कर्मचारियों ने उस से कहा, हमारे प्रभु राजा के लिथे कोई कुंवारी कन्या ले आओ, जो राजा के साम्हने खड़ी होकर उसकी सेवा टहल करे, और उसकी गोद में सोए, कि हमारा प्रभु राजा गर्म हो।
3 और वे इस्राएल के सारे देश में सुन्दर कन्या ढूंढ़ने लगे; और शूनेमिन अबीशग को पाकर वे उसे राजा के पास ले आए।
4 वह कुमारी अति सुन्दर थी; और वह राजा की सुधि लेती, और उसकी सेवा करती रही; पर राजा ने उसे नहीं पहचाना।
5 तब हग्गीत का पुत्र अदोनिय्याह उठकर कहने लगा, मैं राज्य करूंगा। और उस ने अपके आगे आगे चलने को रय, और सवार, और पचास पुरूष तैयार कर रखे।
6 और उसके पिता ने कभी उसके विरोध में यह न कहा या, कि तू ने ऐसा क्यों किया? और वह रूप में भी अति सुन्दर था, और हग्गीत ने उसको सुलैमान के पीछे पाला।
7 और वह सरूयाह के पुत्र योआब, और एब्यातार याजक से, जो अदोनिय्याह के पीछे पीछे उसकी सहाथता करता या, समझ रखता या।
8 परन्तु सादोक याजक, और यहोयादा का पुत्र बनायाह, और नातान नबी, और शिमी, और राजा, और दाऊद के शूरवीर लोग अदोनिय्याह के पास न थे।
9 और अदोनिय्याह ने जोएलत नामक पत्थर पर जो रोगेल के सोते के पास है, भेड़-बकरी, गाय-बैल, और जव के पशु बलि किए, और अपके सब भाइयोंको, अर्यात्‌ राजकुमारोंको, और सब यहूदियोंको जो राजा के कर्मचारी थे, बुलवाया।
10 परन्तु नातान नबी और बनायाह और शूरवीरोंऔर उसके भाई सुलैमान को उस ने न बुलाया।
11 तब नातान ने सुलैमान की माता बतशेबा से कहा, क्या तू ने नहीं सुना, कि हग्गीत का पुत्र अदोनिय्याह राज्य करता है? और हमारा प्रभु दाऊद क्या नहीं जानता?
12 सो अब आ, मैं तुझे सम्मति देता हूं, जिस से तू अपना और अपके पुत्र सुलैमान का प्राण बचाए।
13 जाकर दाऊद राजा के पास जाकर उस से कह, हे मेरे प्रभु राजा, क्या तू ने अपनी दासी से यह शपय नहीं खाई, कि निश्चय तेरा पुत्र सुलैमान मेरे पीछे राजा होगा, और वह मेरी गद्दी पर विराजेगा? फिर अदोनिय्याह क्यों राज्य करता है?
14 सुन, जब तक तू वहां राजा से बातें करती रहेगी, तब तक मैं भी तेरे पीछे पीछे आकर तेरी बातें पूरी करूंगा।
15 और बतशेबा राजा की कोठरी में गई; और राजा तो बहुत बूढ़ा या, और शूनेमिन अबीशग राजा की सेवा टहल किया करता या।
16 तब बतशेबा ने सिर झुकाकर राजा को दण्डवत की; और राजा ने पूछा, तुझे क्या हुआ है?
17 उस ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, तू ने अपक्की दासी से अपके परमेश्वर यहोवा की शपय खाई यी, कि तेरा पुत्र सुलैमान मेरे पीछे राजा होगा, और वह मेरी गद्दी पर विराजेगा।
18 और अब, अदोनिय्याह राजा हुआ है; और अब, हे मेरे प्रभु, हे राजा, तू इस बात को नहीं जानता।
19 और उस ने गायों, जव के पशुओं, और भेड़-बकरियोंको बहुतायत से बलि किया, और सब राजकुमारोंऔर एब्यातार याजक और योआब सेनापति को बुलवाया, परन्तु तेरे दास सुलैमान को न बुलवाया।
20 परन्तु हे मेरे प्रभु राजा, सारे इस्राएल की आंखें तेरी ओर लगी हैं, कि तू उनको बताए कि मेरे प्रभु राजा की गद्दी पर उसके बाद कौन विराजेगा।
21 नहीं तो जब मेरा प्रभु राजा अपने पुरखाओं के संग सोएगा, तब मैं और मेरा पुत्र सुलैमान दोनों पापी ठहरेंगे।
22 वह राजा से बातें कर ही रही यी, कि नातान नबी आ पहुंचा।
23 और उन्होंने राजा को यह समाचार दिया, कि देख, नातान नबी है। और वह राजा के सम्मुख गया, और भूमि पर गिरकर राजा को दण्डवत की।
24 नातान ने कहा, हे मेरे प्रभु राजा, क्या तू ने कहा है, कि अदोनिय्याह मेरे बाद राजा होगा, और वह मेरी गद्दी पर विराजेगा?
25 क्योंकि उसने आज नीचे जाकर बहुत से गाय-बैल, जव, और भेड़-बकरियां बलि कीं, और सब राजकुमारोंऔर सेनापतियोंऔर एब्यातार याजक को बुलवाया; और देखो, वे उसके साम्हने खा पी रहे हैं। और कहो: अदोनिय्याह राजा जीवित रहे!
26 परन्तु मुझ तेरे दास को, और सादोक याजक, और यहोयादा के पुत्र बनायाह, और तेरे दास सुलैमान को उस ने न बुलाया।
27 क्या यह मेरे प्रभु राजा की ओर से हुआ है? और क्या तू ने अपके दास को नहीं बताया कि मेरे प्रभु राजा की गद्दी पर उसके बाद कौन बैठेगा?
28 दाऊद राजा ने उत्तर देकर कहा, मुझे बतशेबा के पास बुला ले। और वह राजा के सम्मुख गई; और राजा के सम्मुख खड़ा रहा।
29 तब राजा ने शपथ खाकर कहा, यहोवा के जीवन की सौगन्ध, जिसने मेरे प्राण को सब विपत्ति से छुड़ा लिया है।
30 कि जैसा मैं ने तुम से इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की शपय खाकर कहा या, कि निश्चय तेरा पुत्र सुलैमान मेरे पीछे राजा होगा, और वह मेरे स्यान पर मेरी गद्दी पर विराजेगा, वैसा ही मैं आज के दिन करूंगा।
31 तब बतशेबा ने भूमि पर मुंह के बल गिरके राजा को दण्डवत करके कहा, मेरा प्रभु राजा दाऊद सदा जीवित रहे!

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