द्वितीय राजा 1
सुलैमान राज्य करता है, और अदोनिय्याह, योआब और शिमी को मारता है
12 और सुलैमान अपके पिता दाऊद की गद्दी पर विराजमान हुआ, और उसका राज्य अत्यन्त दृढ़ हो गया।
13 तब हग्गीत का पुत्र अदोनिय्याह, सुलैमान की माता बतशेबा के पास आया; और उस ने कहा, क्या तेरा आना कुशल से है? और उसने कहा: यह शांति का है।
14 उस ने कहा, मुझे तुझ से एक बात कहनी है। और उसने कहा: बोलो।
15 उस ने कहा, तू तो जानता है कि राज्य तो मेरा ही या, और सारे इस्राएल की दृष्टि मुझ पर यी, और मैं राज्य करता हूं, यद्यपि वह राज्य हस्तांतरित हो गया, और मेरे भाई का हो गया, क्योंकि यहोवा ने उसको ठहराया या।
16 सो अब मैं तुझ से एक बिनती करता हूं; मुझे अस्वीकार मत करो। और उसने उससे कहा: बोलो।
17 उस ने कहा, मेरी बिनती है, कि तू राजा सुलैमान से बात कर, (क्योंकि वह तेरा त्याग न करेगा) कि वह मुझे शूनेमिन अबीशग की पत्नी होने दे।
18 बतशेबा ने कहा, अच्छा, मैं तेरी ओर से राजा से बातें करूंगी।
19 तब बतशेबा राजा सुलैमान के पास अदोनिय्याह के द्वारा बातें करती गई; और राजा उससे भेंट करने को उठा, और उसको दण्डवत् किया; तब वह अपके सिंहासन पर बैठ गया, और राजमाता के लिथे एक कुरसी खड़ी की, और वह उसकी दाहिनी ओर बैठ गई।
20 तब उस ने कहा, मैं तुझ से केवल एक छोटा सा बिनती मांगती हूं, मुझे अस्वीकार न कर। राजा ने उस से कहा, हे माता, मांग, मैं तुझ से मुंह न फेर लूंगा।
21 उस ने कहा, शूनेमिन अबीशग अपके भाई अदोनिय्याह की पत्नी होने के लिथे मुझे दे दे।
22 तब राजा सुलैमान ने अपक्की माता से कहा, तू अदोनिय्याह के लिथे शूनेमिन अबीशग से क्योंपूछती है? उसके लिए राज्य भी मांगो (क्योंकि वह मेरा बड़ा भाई है), मैं कहता हूं, और एब्यातार याजक, और सरूयाह के पुत्र योआब के लिए भी।
23 और राजा सुलैमान ने यहोवा की शपय खाकर कहा, यदि अदोनिय्याह ने अपके प्राण के विरोध में ऐसी बात न कही होती, तो परमेश्वर मुझ से वैसा ही वरन इस से भी अधिक करता।
24 इसलिथे अब यहोवा के जीवन की शपय, जिस ने मुझे दृढ़ करके अपके पिता दाऊद की गद्दी पर विराजमान किया, और अपके वचन के अनुसार अदोनिय्याह आज मरेगा, मेरे लिथे घर बसाया है।
25 और राजा सुलैमान ने यहोयादा के पुत्र बनायाह को भेज दिया, और वह उस पर टूट पड़ा, और वह मर गया।
26 और राजा एब्यातार याजक से कहा, अनातोत को अपके खेत में जा, क्योंकि वह प्राणदण्ड के योग्य मनुष्य है; परन्तु आज मैं तुझे न मारूंगा, क्योंकि तू मेरे पिता दाऊद के साम्हने यहोवा परमेश्वर का सन्दूक उठाए आया और मेरे पिता जितने दु:ख उठाए थे, उन सभोंमें तुम भी दु:खी हुए।
27 सो सुलैमान ने एब्यातार को इसलिये निकाल दिया कि वह यहोवा का याजक न बने, जिस से यहोवा का वह वचन पूरा हो जो उस ने शीलो में एली के घराने के विषय में कहा या।
28 और उसकी कीर्ति योआब में फैल गई, क्योंकि योआब अबशालोम के पीछे हो कर भटक गया या, और योआब यहोवा के तम्बू में भाग गया, और वेदी के सींगोंको पकड़ लिया।
29 और उन्होंने राजा सुलैमान को यह समाचार दिया, कि योआब यहोवा के तम्बू को भाग गया है, और वह तो वेदी के पास है; तब सुलैमान ने यहोयादा के पुत्र बनायाह को यह कहला भेजा, कि जाकर उसको मार ले।
30 तब बनायाह ने यहोवा के निवास के पास जाकर उस से कहा, राजा योंकहता है, कि वहां से निकल आ। और उस ने कहा, नहीं, परन्तु यहां तो मैं मर जाऊंगा। तब बनायाह ने राजा के पास लौटकर कहा, योआब ने ऐसी बातें कहीं, और मुझे इस प्रकार उत्तर दिया।
31 राजा ने उस से कहा, उसके कहने के अनुसार उस पर लेट जा, और उसे मिट्टी दे, कि जो खून योआब ने अकारण किया वह मुझ से और मेरे पिता के घराने से दूर करे।
32 और यहोवा उसका खून उसी के सिर पर लौटाएगा, क्योंकि उस ने मेरे पिता दाऊद के बिना मेरे पिता दाऊद के अनजाने में दो और धर्मी और अकेले से अच्छे लोगों को देकर उन्हें तलवार से घात किया, अर्यात् नेर का पुत्र अब्नेर, प्रधान हाकिम इस्राएल की सेना की ओर से और यहूदा के सेनापति येतेर के पुत्र अमासा को।
33 इस प्रकार उनका खून योआब और उसके वंश के सिर पर सदा बना रहेगा; परन्तु दाऊद को, और उसके वंश को, और उसके घराने को, और उसकी राजगद्दी को, यहोवा युगानुयुग शान्ति देगा।
34 तब यहोयादा के पुत्र बनायाह ने चढ़ाई करके उसको घात किया, और उसे जंगल में उसी के घर में मिट्टी दी गई।
35 और राजा ने उसके स्थान पर यहोयादा के पुत्र बनायाह को सेना का अधिकारी नियुक्त किया, और एब्यातार के स्थान पर राजा सादोक याजक को नियुक्त किया।
36 तब राजा ने शिमी को बुलवा भेजा, और उस से कहा, अपके लिये यरूशलेम में एक घर बनाकर वहीं रहना, और वहां से न तो इधर उधर जाना।
37 क्योंकि जिस दिन तू निकलकर किद्रोन नाले के पार जाए, तब निश्चय निश्चय जान लिया जाएगा कि तू निश्चय मार डाला जाएगा; तेरा खून तेरे सिर पर पड़ेगा।
38 शिमी ने राजा से कहा, यह बात उत्तम है; जैसा मेरे प्रभु राजा ने कहा है वैसा ही तेरा दास करेगा। और शिमी यरूशलेम में बहुत दिन तक रहा।
39 तीन वर्ष के बीतने पर शिमी के दो दास गत के राजा माका के पुत्र आकीश के पास भाग गए, और उन्होंने शिमी को यह समाचार दिया, कि तेरे दास गत में हैं।
40 तब शिमी उठा, और अपके गदहे पर काठी बान्धकर गत को, आकीश के पास अपके सेवकोंको बुलवाने को गया; तब शिमी जाकर अपके जनोंको गत से ले आया।
41 और उन्होंने सुलैमान को यह समाचार दिया, कि यरूशलेम का शिमी गत को गया, और फिर लौट आया है।
42 तब राजा ने शिमी को बुलवा भेजा, और उस से कहा, क्या मैं ने यहोवा की शपथ खाकर तुझे यह आज्ञा न दी यी, कि जिस दिन तू इधर उधर फिरने को निकले, तब निश्चय जान ले, कि तुझे निश्चय मरना? और तू ने मुझ से कहा, जो वचन मैं ने सुना वह अच्छा है।
43 फिर तू ने यहोवा की शपय और उस आज्ञा को जो मैं ने तुझे दी है, क्यों नहीं मानी?
44 राजा ने शिमी से कहा, अच्छा तू जानता है कि तू ने अपके मन की सारी दुष्टता जो मेरे पिता दाऊद से की यी; इस कारण यहोवा ने तेरा अधर्म तेरे ही सिर पर डाल दिया है।
45 परन्तु राजा सुलैमान धन्य होगा, और दाऊद की गद्दी यहोवा के साम्हने सदा अटल रहेगी।
46 तब राजा ने यहोयादा के पुत्र बनायाह के पास भेजा, और वह निकलकर उस पर टूट पड़ा, और मर गया; इस प्रकार सुलैमान के हाथ में राज्य दृढ़ हो गया।
Esperei com paciência no Senhor, e ele se inclinou para mim, e ouviu ao meu clamor. Salmos 40:01
quarta-feira, 11 de janeiro de 2023
द्वितीय राजा 1 सुलैमान राज्य करता है, और अदोनिय्याह, योआब और शिमी को मारता है
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