द्वितीय शमूएल 21
पलिश्तियों के विरुद्ध चार युद्ध
15 और पलिश्तियों का इस्राएलियों से युद्ध और भी बढ़ता गया; और दाऊद अपके जनोंसमेत नीचे गया, और वे पलिश्तियोंसे ऐसे लड़े कि दाऊद थक गया या।
16 और यिशबोबनोब, जो रपाइयोंके वंश का या, और उसका भाला तौल में तीन सौ शेकेल पीतल का या, और उस ने नई तलवार बान्ध ली, कि दाऊद को मार डाले।
17 परन्तु सरूयाह के पुत्र अबीशै ने उसकी सहाथता की, और उस पलिश्ती को मारकर उसे घात किया; तब दाऊद के जनोंने उस से शपय खाकर कहा, कि तू फिर कभी हमारे संग युद्ध करने को बाहर न जाने पाएगा, ऐसा न हो कि तू इस्राएल का दीपक बुझा दे।
18 इसके बाद गोब में पलिश्तियोंसे फिर युद्ध हुआ; तब हूशाती सिबेकै ने सप को जो रपाई के पुत्रोंमें से या, मार लिया।
19 गोब में पलिश्तियोंसे फिर युद्ध हुआ; और बेतलेहेमी यारेओरेगीम के पुत्र एल्हानान ने गती गोलियत को, जिसका भाला जुलाहे के अंग के समान बेंत था, घात किया।
20 फिर गत में भी युद्ध हुआ, वहां एक डील-डौल का मनुष्य या, जिसके एक एक हाथ में छ: छ: अंगुलियां, और एक एक पांव में छ: अर्यात् चौबीस अंगुलियां यीं;
21 और उस ने इस्राएल को बहुत बुरा भला कहा, परन्तु दाऊद के भाई शिमा के पुत्र योनातान ने उसको मार डाला।
22 ये चारों गत में रपा से उत्पन्न हुए थे, और वे दाऊद और उसके कर्मचारियोंके हाथ से मारे गए।
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