द्वितीय शमूएल 19
मपीबोशेत दाऊद से मिलता है
24 और शाऊल का पुत्र मपीबोशेत भी राजा से भेंट करने को गया, और जिस दिन से राजा निकला उस दिन से लेकर उसके आने के दिन तक न तो अपके पांव धोए, और न मुण्डा, और न अपके वस्त्र धोए थे।
25 जब वह राजा से भेंट करने को यरूशलेम को पहुंचा, तब राजा ने उस से कहा, हे मपीबोशेत, तू मेरे संग क्योंनहीं गया?
26 उस ने कहा, हे मेरे प्रभु, हे राजा, मेरे दास ने मुझ को धोखा दिया है; क्योंकि तेरे दास ने कहा या, कि मैं गदहे पर काठी बान्धूंगा, और उस पर चढ़कर राजा के संग चलूंगा; क्योंकि तेरा दास लंगड़ा है।
27 फिर अपके दास की अपके प्रभु राजा के साम्हने फूठी निन्दा की; परन्तु मेरा प्रभु राजा परमेश्वर के दूत के समान है; इसलिए वही करो जो तुम्हारी दृष्टि में अच्छा है।
28 क्योंकि मेरे पिता के सारे घराने के लोग मेरे प्रभु राजा की दृष्टि में प्राणदण्ड के योग्य थे, तौभी तू ने अपके दास को अपक्की मेज पर खानेवालोंमें ठहराया है; फिर मुझे राजा की दोहाई देने का और क्या अधिकार है?
29 राजा ने उस से कहा, तू अपके काम की चर्चा फिर क्योंकरता है? मैं पहले ही कह चुका हूँ: तुम और सीबा भूमि का बँटवारा करते हो।
30 मपीबोशेत ने राजा से कहा, वह भी सब कुछ ले ले; क्योंकि मेरा प्रभु राजा अपके घर कुशल झेम से आया है।
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