segunda-feira, 15 de novembro de 2021

1 शमूएल 30 दाऊद शिकार के विभाजन का नियम स्थापित करता है

 1 शमूएल 30

दाऊद शिकार के विभाजन का नियम स्थापित करता है

22 तब सब दुष्टोंऔर बेलियाल के पुत्रोंने उन पुरूषोंमें से जो दाऊद के संग गए या, उत्तर दिया, कि जब से वे हमारे संग न गए हैं, उस लूट में से जिसे हम ने छुड़ाया है, हम उन्हें न देंगे; परन्तु हर एक अपक्की पत्नी और लड़केबालोंको लेकर चला जाए।

23 परन्तु दाऊद ने कहा, हे मेरे भाइयो, तुम ऐसा न करना, जिस से यहोवा ने हम को, जिस ने हम को पहरा दिया है, और हमारे विरुद्ध दल हमारे हाथ में कर दिया है।

24 और ऐसे में कौन तेरी सुनेगा? क्‍योंकि जो लोग युद्ध करने को उतरे थे, उनका भाग क्‍या होगा, और जो सामान के साथ बचे रहेंगे उनका भाग क्‍या होगा; वे भी डिश आउट करेंगे।

25 जो उस दिन से आगे तक ऐसा ही था, क्योंकि उस ने उसे आज तक इस्राएल में एक विधि और अधिकार ठहराया है।

26 और जब दाऊद सिकलग में आया, तब उस ने लूट में से अपके मित्र यहूदा के पुरनियोंके पास कहला भेजा, कि यहोवा के शत्रुओं की लूट में से तेरे लिथे आशीष हो;

27 बेतेल, और दक्खिन में रामोत, और येतेर तक,

28 और अरोएर, सिफमोत, और एस्तमोआ को,

29 और राकलोंको, और यरामीएलियोंके नगरोंमें, और केनियोंके नगरोंमें।

30 और होर्मा, और कोरहान, और आक्रमण करनेवालोंको।

31 और हेब्रोन के लोगोंको, और उन सब स्यानोंको जहां दाऊद चलता या, अपके जन समेत।

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