1 शमूएल 30
दाऊद अमालेकियों का पीछा करता है और बंदियों को मुक्त करता है
7 तब दाऊद ने अकीमेलेक के पुत्र एब्यातार याजक से कहा, एपोद मुझे यहां ले आ। और एब्यातार एपोद को दाऊद के पास ले आया।
8 तब दाऊद ने यहोवा से पूछा, क्या मैं इस सेना को सताऊंगा? क्या मैं उसके पास पहुंचूंगा? और यहोवा ने उस से कहा, उस पर ज़ुल्म कर, क्योंकि निश्चय तू उसे पकड़ लेगा, और सब कुछ छुड़ा देगा।
9 तब दाऊद अपके संग के छ: सौ पुरूष निकलकर बसोर नाले पर आए, जहां जो छूट गए थे वे रुक गए।
10 और दाऊद उन चार सौ पुरूषों समेत उनके पीछे हो लिया, क्योंकि वे थके हुए के कारण बेसोर के नाले के ऊपर से होकर जा रहे थे, इसलिये दो सौ पुरुष पीछे रह गए।
11 और वे एक मिस्री पुरूष को मैदान में पाकर दाऊद के पास ले आए, और उसको रोटी दी, और उस ने खाया, और पीने को जल दिया।
12 और उन्होंने उसे सूखे अंजीर के आटे का एक टुकड़ा और किशमिश के दो गुच्छे दिए, और वह खाया, और उसकी आत्मा लौट आई, क्योंकि तीन दिन और तीन रात तक उसने रोटी नहीं खाई थी और पानी नहीं पिया था।
13 तब दाऊद ने उस से पूछा, तू किस का है, और कहां का है? और मिस्री लड़के ने कहा, मैं एक अमालेकी का दास हूं, और मेरा स्वामी मुझे छोड़ गया है, क्योंकि मैं तीन दिन के पहिले रोगी था।
14 हम ने करेनियों की दक्खिन ओर, और यहूदा की अलंग की ओर, और कालेब की दक्खिन अलंग की ओर चढ़ाई की, और शिकलाग को आग के हवाले कर दिया।
15 दाऊद ने उस से कहा, क्या तू उतरकर मुझे उस दल के पास ले जा सकता है? उस ने उस से कहा, परमेश्वर की शपय खाकर कि तू मुझे न मार, और न तू मेरे प्रभु के हाथ में कर देगा;
16 और उतरकर वह उसको ले गया; और देखो, वे पलिश्तियोंके देश और यहूदा के देश से जितनी बड़ी लूट ले ली गई, उस में से खाते-पीते और नाचते हुए सारी पृथ्वी पर फैल गए।
17 और दाऊद ने उन्हें गोधूलि से लेकर दूसरे दिन की सांफ तक मारा, और उन चार सौ जवानोंको छोड़ जो ऊंटोंपर सवार होकर भाग गए, उन में से कोई न बचा।
18 तब दाऊद ने जो कुछ अमालेकी ले लिया वह सब को छुड़ाया; उसकी दोनों पत्नियोंने भी दाऊद को छुड़ाया।
19 और उन्हें छोटे से लेकर बड़े तक किसी की घटी न हुई, यहां तक कि बेटे बेटियां भी; और लूट में से वह सब जो उन्होंने उन से ले लिया था, सब दाऊद फेर ले आया।
20 तब दाऊद सब भेड़-बकरियोंऔर गाय-बैलोंको लेकर और पशुओं के आगे आगे ले गया, और कहा, यह तो दाऊद की लूट है।
21 और जब दाऊद उन दो सौ पुरूषोंके पास जो थके हुए थे और दाऊद के पीछे पीछे नहीं चल सकते थे, और बसोर नाले में रहने को निकल गए, तब वे दाऊद और उसके संग के लोगोंसे मिलने को निकले; और जब दाऊद उसके पास पहुंचा, लोगों ने शांति से उनका अभिवादन किया।
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