segunda-feira, 8 de agosto de 2016

भारी संख्या में पलायन 24 परमेश्वर ने मूसा और बड़ों आदेशों माउंट करने के लिए

भारी संख्या में पलायन 24
परमेश्वर ने मूसा और बड़ों आदेशों माउंट करने के लिए
1 और उन्होंने कहा कि मूसा से कहा, हे प्रभु, आप और हारून, नादाब और अबीहू अप करने के लिए आते हैं, और इस्राएल के वृद्ध सत्तर; और दूर से आप लगाओ।
2 और अकेले मूसा ने यहोवा के पास आए; लेकिन वे नहीं आते हैं, न तो लोग उसके साथ चलें।
3 मूसा के लिए आते हैं, और लोगों को भगवान की सब बातें कह रहा है, और सभी निर्णय, लोगों को एक आवाज के साथ जवाब दिया, और कहा, सभी शब्द जो भगवान बात की है कि हम क्या करेंगे।
4 तब मूसा ने लिखा है भगवान की सारी बातें, और सुबह जल्दी उठकर पहाड़ी के नीचे एक वेदी, और बारह खंभे बनाए इसराइल के बारह गोत्रों के अनुसार;
5 और उस ने इस्राएल के बच्चे, जो होमबलि के युवकों ने भेजा है, और बैलों के भगवान शांति प्रसाद के लिए बलिदान कर दिया।
6 तब मूसा ने आधा रक्त ले लिया, और घाटियों में डाल दिया; और रक्त के अन्य आधा वेदी पर छिड़क दिया।
7 और उस किताब की वाचा लिया, और लोगों के कानों में यह पढ़ा है, और वे कहा, जो भगवान की बात कही है हम करते हैं, और आज्ञाकारी हो।
8 मूसा ने लोहू को लेकर लोगों पर छिड़क दिया, और कहा, रक्त वाचा जो प्रभु आप इन सभी शब्दों के विषय के साथ बनाया हाथ निहारना।
9 और वे मूसा और हारून, नादाब और अबीहू चढ़ गया, और इस्राएल के वृद्ध सत्तर,
10 और वे इस्राएल के परमेश्वर को देखा, और अपने पैरों के नीचे एक नीलमणि पत्थर का काम, और उसकी शुचिता में स्वर्ग की राय की तरह था।
11 परन्तु वह इस्राएल के बच्चों के रईसों पर हाथ रखे नहीं था; वे भगवान को देखा, और खाया पिया।
12 और यहोवा ने मूसा से कहा, पहाड़ पर मेरे पास आओ, और वहाँ हो, और तुझे पत्थर की मेज, और कानून और आज्ञा जो मैं उन्हें सिखाने के लिए लिखा है आज।
13 और मूसा ने यहोशू अपने सर्वर के साथ हुआ; और मूसा ने परमेश्वर के पर्वत पर चढ़ गया।
14 और उन्होंने कहा कि बड़ों के लिए, हमारे लिए यहाँ रुको, जब तक हम आप के लिए आते हैं: और निहारना, हारून और हूर तुम्हारे साथ हैं; जो किसी भी व्यवसाय है, तो आप उन्हें करने के लिए जा सकते हैं।
15 और मूसा पर्वत पर चढ़ गया, बादल पहाड़ को कवर किया।
16 और माउंट सिनाई पर भगवान की महिमा में रहने लगा, और बादल छह दिन इसे कवर किया और सातवें दिन वह बादल से मूसा से कहा जाता है।
17 और प्रभु की महिमा की दृष्टि इसराइल के बच्चों की आँखों में पहाड़ की चोटी पर भस्म करनेवाली आग की तरह था।
18 और मूसा बादल के बीच में प्रवेश किया, पहाड़ पर चढ़ गया, और मूसा पर्वत पर चालीस दिन और चालीस रात को किया गया था।

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