quarta-feira, 8 de fevereiro de 2023

मैं किंग्स 8 सुलैमान लोगों से बात करता है

मैं किंग्स 8

सुलैमान लोगों से बात करता है

12 तब सुलैमान ने कहा, यहोवा ने कहा या, कि मैं अन्धेरे में वास किए रहूंगा।
12 निश्चय मैं ने तेरे रहने के लिथे एक भवन, और तेरे सदा के लिथे आसन बनाया है।
14 तब राजा ने अपना मुंह फेर लिया, और इस्राएल की सारी मण्डली को आशीर्वाद दिया, और इस्राएल की सारी मण्डली खड़ी रही।
15 और उस ने कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा धन्य है, जिस ने अपके मुंह से मेरे पिता दाऊद से बातें की, और अपके हाथ से उसको यह वचन पूरा किया है,
16 जिस दिन से मैं अपक्की प्रजा इस्राएल को मिस्र से निकाल लाया, तब से मैं ने इस्राएल के सब गोत्रोंमें से कोई नगर नहीं चुना कि वहां अपके नाम का भवन बनाने के लिथे मैं ने अपक्की प्रजा इस्राएल का प्रधान होने को दाऊद को चुन लिया।।
17 मेरे पिता दाऊद की भी यह मनसा थी, कि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनाए।
18 परन्तु यहोवा ने मेरे पिता दाऊद से कहा, तू ने जो अपके मन में मेरे नाम का एक भवन बनाने की मनसा की है, इसलिथे अपके मन में ऐसी मनसा करके भला तो किया है।
19 तौभी यह भवन तू न बनाने पाएगा; तेरा जो निज पुत्र होगा वही मेरे नाम का यह भवन बनाएगा।
20 इस प्रकार यहोवा ने अपके वचन को जो उस ने कहा या, दृढ़ किया; क्योंकि मैं अपके पिता दाऊद के स्थान पर उठकर इस्राएल की गद्दी पर विराजमान हुआ, जैसा यहोवा ने कहा या, और मैं ने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम से एक भवन बनाया है।
21 और वहां उस सन्दूक के लिथे स्थान बनाना, जिस में वह वाचा है, जो यहोवा ने हमारे पितरोंको मिस्र देश से निकालने के समय उन से बान्धी यी।

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