sábado, 4 de fevereiro de 2023

मैं किंग्स 7 सुलैमान एक महल बनाता है

 मैं किंग्स 7

सुलैमान एक महल बनाता है

1 परन्तु सुलैमान ने अपना भवन तेरह वर्ष में बनाया, और उसका सारा भवन तैयार हो गया।
2 और उस ने लबानोन के वन का भवन बनाया, जिसकी लम्बाई सौ हाथ, चौड़ाई पचास हाथ, और ऊंचाई तीस हाथ की, वह देवदार के खम्भोंकी चार पांति पर, और खम्भोंपर देवदारु की कडिय़ां बनीं।
3 और उसके ऊपर देवदारु की कडिय़ां बनीं, जो पन्द्रह क्रम से पैंतालीस खम्भोंपर बनी यीं।
4 और झरोखोंकी तीन कतारें यीं;
5 और सब किवाड़ और खम्भे भी एक ही दृश्य के चौकोर थे; और तीन क्रमों में एक खिड़की का सामना दूसरी खिड़की से हुआ।
6 फिर उस ने खम्भोंके साय एक ओसारा बनाया, जिसकी लम्बाई पचास हाथ और चौड़ाई तीस हाथ की यी; और उनके आगे ओसारे, और उनके साम्हने खम्भे और मोटी कडिय़ां यीं।
7 और उस सिंहासन के लिये जिस में वह न्याय करता या, उस ने न्याय के ओसारे के लिथे भी ओसारे को बनाया, जो फर्श से फर्श तक देवदार से मढ़ा हुआ या।
8 और उसके भवन में जहां वह रहता या, ओसारे के भीतर एक और आंगन या, जो इस की नाईं काम करता या, फिरौन की बेटी के लिथे भी, जिसे सुलैमान ने ब्याह लिया या, उस ने उस ओसारे के समान एक घर बनाया।
9 ये सब वस्तुएं अति सूक्ष्म पत्थरों की बनीं, जो नाप में काटी हुई और आरी से भीतर बाहर चीरी हुई यीं; और यह नेव से लेकर छत की छोर तक, और बाहर बड़े आंगन तक।
10 उसकी नेव भी बड़े बड़े पत्यरोंपर डाली गई है; दस हाथ के पत्थरों और आठ हाथ के पत्थरों पर।
11 और ऊपर पर नाप के अनुसार गढ़े हुए महीन पत्यर, और देवदार की लकड़ी।
12 और बड़ा आंगन चारों ओर तराशे हुए पत्यरोंके तीन रद्दे, और देवदारु की कडिय़ोंका एक कतार या;

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