quarta-feira, 8 de dezembro de 2021

द्वितीय शमूएल 03 दाऊद ने अब्नेर की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

 द्वितीय शमूएल 03

दाऊद ने अब्नेर की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

31 तब दाऊद ने योआब और उसके संग के सब लोगोंसे कहा, अपके वस्त्र फाड़ो; और बोरे बान्ध लो, और अब्नेर के साम्हने रोओ। और राजा दाऊद ताबूत का पीछा कर रहा है।

32 और राजा ने अब्नेर को हेब्रोन में मिट्टी दी, और ऊंचे शब्द से अब्नेर की कब्र पर रोया; और सब लोग रो पड़े।

33 और राजा ने अब्नेर से रोते हुए कहा, अब्नेर मरा नहीं; खलनायक कैसे मरता है?

34 न तो तुम्हारे हाथ बंधे हुए थे, और न ही तुम्हारे पांव पीतल की बेड़ियों से लदे हुए थे, परन्तु तुम उन लोगों की नाईं गिर पड़े, जो अधर्मियों के साम्हने गिरते हैं! इसलिए सब लोग उसके लिए और भी रोए।

35 तब सब लोग दाऊद को रोटी खिलाने के लिथे आए, और दिन हो गया, परन्तु दाऊद ने शपय खाकर कहा, कि परमेश्वर मेरे लिथे ऐसा ही करे, वरन यदि सूर्य अस्त होने से पहिले मैं रोटी वा कुछ चखूं तो और भी बहुत कुछ।

36 जो कुछ लोग समझते थे, वह उनकी दृष्टि में अच्छा जान पड़ता था, जैसा कि राजा ने जो कुछ किया, वह सब लोगों को अच्छा लगा।

37 और सब लोग और सब इस्राएल उस समय समझ गए, कि नेर के पुत्र अब्नेर को घात करना राजा की ओर से नहीं।

38 तब राजा ने अपके कर्मचारियोंसे कहा, क्या तुम नहीं जानते, कि आज के दिन इस्राएल में एक प्रधान और एक बड़ा पुरूष गिर पड़ा है?

39 कि मैं अभिषिक्त राजा होते हुए भी कोमल हूं; सरूयाह की सन्तान ये पुरुष मुझ से अधिक कठोर हैं: यहोवा अपराधी को उसके अधर्म का फल देगा।

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