द्वितीय शमूएल 03
योआब ने विश्वासघात करके अब्नेर को मार डाला
22 और देखो, दाऊद के सेवक और योआब एक खेमे में से निकलकर अपने साथ बड़ी लूट ले आए; और अब्नेर दाऊद के साथ हेब्रोन में न रहा, क्योंकि उस ने उसको विदा किया था, और कुशल से चला गया था।
23 जब योआब और उसके संग आने वाली सारी सेना आई, तब उन्होंने योआब से कहा, नेर का पुत्र अब्नेर राजा के पास आया है; और उसे विदा किया, और कुशल से चला गया।
24 तब योआब राजा के पास गया, और कहा, तू ने क्या किया है? अब्नेर तेरे पास आया; फिर तुमने क्यों खारिज कर दिया, ताकि वह स्वतंत्र रूप से चला जाए?
25 तुम नेर के पुत्र अब्नेर को अच्छी तरह से जानते हो, जो तुम्हें धोखा देने आया था, और तुम्हारे जाने और तुम्हारे भीतर जाने को जानता था, और जो कुछ तुम करते हो उसे समझते हो।
26 और योआब ने दाऊद के पास से निकलकर अब्नेर के पीछे दूत भेजे, और वे उसे दाऊद के जाने बिना सीरा के कुएं से लौटा ले आए।
27 सो जब अब्नेर हेब्रोन को लौटा, तब योआब उस से गुप्त बातें करने को फाटक के द्वार पर अकेला ले गया, और वहां पांचवीं पसली के पास ऐसा मारा, कि वह अपके भाई असाहेल के लोहू के कारण मर गया।
28 यह सुनकर दाऊद ने कहा, मैं नेर के पुत्र अब्नेर के लोहू के कारण से यहोवा के लिथे सदा निर्दोष हूं, और अपके राज्य के लिथे मैं निर्दोष हूं।
29 वह योआब और उसके पिता के सारे घराने का अधिकारी हो, और योआब के घराने में किसी को कोई घटी न हो, और न कोढ़ी, और न तलवार से मारा जाए, और न किसी को रोटी की घटी हो।
30 इसलिथे योआब और उसके भाई अबीशै ने अब्नेर को घात किया, क्योंकि उन्होंने अपके भाई असाहेल को गिबोन के युद्ध में घात किया था।
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