लेवीय 23
प्रायश्चित के दिन
26 तब यहोवा ने मूसा से कहा,
27 परन्तु सातवें महीने के दसवें दिन प्रायश्चित्त का दिन होगा; तब तुम पवित्र सभा में रहोगे, और तुम अपने प्राणों को दु: ख दूंगा; और तुम यहोवा के लिथे आग से बलि भेंट चढ़ाओगे।
28 और उस दिन तुम कोई काम नहीं करोगे, क्योंकि प्रायश्चित्त का दिन है, ताकि वह तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के साम्हने प्रायश्चित्त करे।
29 क्योंकि जो मनुष्य उसी दिन अपने आप को पीड़ित नहीं करेगा, उसके लोगों में से नाश किया जाएगा।
30 और जो आत्मा उसी दिन काम करे, उस आत्मा को मैं उसके लोगों के बीच से नाश करूंगा;
31 तुम्हें कोई काम नहीं करना पड़ेगा।
32 विश्राम का एक दिन तुम्हारे लिए होगा; तब आप अपने प्राणों को दु: ख देंगे: शाम से शाम को महीने के नौवें दिन, अपने सब्त का पालन करें।
33 और यहोवा ने मूसा से कहा,
34 इस्राएल के लोगों से यह कह, कि सातवें महीने के पन्द्रहवें दिन, यहोवा के त्योहारों का त्योहार सात दिन तक होगा।
35 पहिले दिन एक पवित्र सभा होनी चाहिए; कोई भी काम नहीं करेगा।
36 सात दिन तक तुम यहोवा के लिथे आग की भेंट चढ़ाओगे; आठवें दिन तुम पवित्र सभा करो, और यहोवा के लिये होमबलि चढ़ाएं; कोई भी काम नहीं करना।
37 यह यहोवा के पर्व हैं, जिन्हें तुम पवित्र सभाओं के लिए प्रचार करते हो, यहोवा को होमबलि, होमबलि, और होमबलि, और पीए, और पीए, और अपने दिन में हर एक पीए;
38 और यहोवा के सब्त के दिन, और अपके अपके बलिदान के अलावा, और जो कुछ तेरे वचन के अनुसार हो, और जो कुछ तुम यहोवा के पास चढ़ाओगे, उनको भी।
39 परन्तु सातवें महीने के पन्द्रहवें दिन, जब तू देश की नयी हुई हो, तब सात दिन तक यहोवा के पर्व को बचे; पहले दिन आराम किया जाएगा, और आठवें दिन आराम मिलेगा।
40 और पहिले दिन तुम अपके जंगल के पेड़ों, हथेलियों की शाखाओं, मोटी वृक्षों की शाखाएं, और नदियों की विलो ले; और तुम अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने सात दिन आनन्द मनाएंगे।
41 और तुम इस वर्ष में सात दिन यहोवा के पास रहोगे; यह तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी है। सातवें महीने में तुम इसे रखो।
42 सात दिन तक तू तंबुओं के नीचे जीवित रहेगा; इस्त्राएल के सब निवासस्थान तंबू में रहेंगे;
43 तुम्हारी पीढ़ी जान सकती है कि मैं इस्राएलियों को तम्बू में निवास करता हूँ, जब मैं उन्हें मिस्र देश से निकाल ले आया हूं। मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।
44 और मूसा ने इस्राएल की सन्तानों को यहोवा की प्रतीतियां दीं।
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