quinta-feira, 4 de junho de 2026

पैगंबर मलाकी की किताब 2

 पैगंबर मलाकी की किताब 2


1 और अब, हे पुजारियों, यह हुक्म तुम्हारे लिए है।

2 अगर तुम नहीं सुनोगे, और अगर तुम अपने दिल में मेरे नाम की बड़ाई करने का फैसला नहीं करोगे, तो सेनाओं का यहोवा कहता है, मैं तुम पर श्राप भेजूंगा, और तुम्हारी दुआओं को श्राप दूंगा; सच तो यह है कि मैंने उन्हें पहले ही श्राप दे दिया है, क्योंकि तुम इसे दिल से नहीं लेते।

3 देखो, मैं तुम्हारे वंश को खराब कर दूंगा, और तुम्हारे चेहरों पर तुम्हारी दावतों की गंदगी फैला दूंगा; और तुम उसके साथ ले जाए जाओगे।

4 तब तुम जान जाओगे कि मैंने यह हुक्म तुम्हें इसलिए भेजा है, ताकि मेरा वादा लेवी के साथ हो, सेनाओं का यहोवा कहता है।

5 उसके साथ मेरा वादा जीवन और शांति का था, और मैंने उन्हें उसे इसलिए दिया ताकि वह मुझसे डरे; और वह मुझसे डरता था, और मेरे नाम से डरता था।

6 सच का नियम उसके मुंह में था, और उसके होठों पर कोई बुराई नहीं पाई गई; वह मेरे साथ शांति और सच्चाई से चला, और बहुतों से बुराई दूर की।

7 क्योंकि पुजारी के होंठ ज्ञान रखेंगे, और लोग उसके मुँह से शिक्षा माँगेंगे, क्योंकि वह सेनाओं के यहोवा का दूत है।

8 लेकिन तुम रास्ते से भटक गए हो; तुमने बहुतों को कानून में ठोकर खिलाई है; तुमने लेवी के करार को बिगाड़ दिया है, सेनाओं के यहोवा का यही कहना है।

9 इसलिए मैंने भी तुम्हें सब लोगों के सामने नीचा और नीचा दिखाया है, क्योंकि तुमने मेरे तरीकों पर नहीं चले बल्कि कानून में तरफदारी की है।

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